Skip to main content

4thnation

ज़हरीले मशरूम से हत्या का मामला, एरिन पैटरसन को तीन हत्याओं का दोषी करार

मेलबर्न, 07 जुलाई 2025:
ऑस्ट्रेलिया में बहुचर्चित ज़हरीले मशरूम मर्डर केस में 50 वर्षीय एरिन पैटरसन को अपने पूर्व पति के माता-पिता और चाची की हत्या का दोषी करार दिया गया है। साथ ही उन्हें एक हत्या के प्रयास के मामले में भी दोषी ठहराया गया है। यह फैसला सोमवार को मोरवेल की अदालत ने सुनाया, जो मेलबर्न से लगभग 152 किलोमीटर पूर्व में स्थित है।

क्या था मामला?

29 जुलाई 2023 को एरिन पैटरसन ने अपने घर पर बीफ वेलिंगटन डिश परोसी थी, जिसमें ‘डेथ कैप’ (मौत की टोपी) मशरूम मिलाए गए थे। इस भोजन को खाने के बाद उसके पूर्व सास-ससुर – डोनाल्ड और गेल पैटरसन, और गेल की बहन हीदर विल्किंसन की मौत हो गई थी। हीदर के पति इयान विल्किंसन भी बीमार पड़े थे, लेकिन इलाज के बाद सात हफ्तों में ठीक हो गए

अदालत की कार्यवाही और बचाव पक्ष का दावा

  • एरिन पैटरसन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यह एक दुर्घटनावश हुआ हादसा था और उन्हें नहीं पता था कि मशरूम ज़हरीले हैं।
  • बचाव पक्ष ने इसे एक “भयानक दुर्घटना” बताते हुए कहा कि पैटरसन ने जानबूझकर ऐसा कुछ नहीं किया।
  • लेकिन अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि एरिन ने मेहमानों को घर बुलाने के लिए झूठ कहा कि उन्हें कैंसर है
  • उसने यह भी झूठ कहा कि वह खाद्य डिहाइड्रेटर की मालिक नहीं है, जबकि वह बाद में कचरे के ढेर में पाया गया।

संबंधों में खटास और संभावित उद्देश्य

  • अभियोजन पक्ष ने यह भी बताया कि पैटरसन का अपने पूर्व पति साइमन पैटरसन के साथ बच्चों की कस्टडी और आर्थिक योगदान को लेकर विवाद था।
  • हालांकि, अभियोजन पक्ष ने सीधे तौर पर कोई स्पष्ट उद्देश्य सामने नहीं रखा।

मीडिया और जनता की दिलचस्पी

  • यह मुकदमा 29 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ और करीब 10 सप्ताह चला
  • पूरे ऑस्ट्रेलिया में इस केस को लेकर सार्वजनिक उत्सुकता चरम पर थी। सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल्स और पॉडकास्ट्स पर इसे लेकर हजारों चर्चाएं हुईं।
  • इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का भी ध्यान आकर्षित किया

सजा का ऐलान शीघ्र

अदालत ने एरिन को दोषी ठहराने के बाद, अगली सुनवाई में सजा का ऐलान किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, उसे आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।


निष्कर्ष

एरिन पैटरसन केस ऑस्ट्रेलिया के इतिहास में सबसे रहस्यमय और चौंकाने वाले घरेलू हत्या मामलों में गिना जा रहा है। यह मामला न सिर्फ न्याय व्यवस्था, बल्कि पारिवारिक विश्वास और भोजन से जुड़े खतरों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।