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Abdullah Ashraf Visa: Bondi Hero के सामने बड़ा संकट

Abdullah Ashraf Visa मामला अब ऑस्ट्रेलिया में चर्चा का विषय बन गया है। पाकिस्तान के कानून के छात्र Abdullah Ashraf ने दिसंबर 2025 के Bondi Beach आतंकी हमले के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना घायलों की मदद की थी। अब हमले के बाद मानसिक आघात से जूझने और पढ़ाई से compassionate leave लेने के दौरान उनका student visa समाप्त हो गया। Ashraf ने नया वीजा आवेदन किया है और ऑस्ट्रेलिया में रहकर अपनी कानून की पढ़ाई पूरी करने की अपील की है।

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Bondi Beach हमले में Abdullah Ashraf की भूमिका

14 दिसंबर 2025 को Sydney के Bondi Beach पर Hanukkah से जुड़े एक यहूदी सामुदायिक कार्यक्रम को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई थी। हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी। Ashraf उस समय rideshare car चला रहे थे।

गोली चलने की आवाज सुनते ही उन्होंने लोगों की मदद करने का फैसला किया। उन्होंने एक घायल पुलिस अधिकारी की सहायता की और एक घायल महिला को उसके बच्चों को सुरक्षित करने के बाद प्राथमिक उपचार दिया।

Ashraf के अनुसार उन्होंने महिला के घाव पर दबाव बनाकर रक्तस्राव रोकने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने एक 27 वर्षीय फ्रांसीसी नागरिक Dan Elkayam की भी मदद की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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Abdullah Ashraf Visa संकट कैसे शुरू हुआ?

हमले के बाद Ashraf को इस घटना का गहरा मानसिक असर झेलना पड़ा। उन्होंने बताया कि रात में अकेले रहने पर हमले की यादें उन्हें परेशान करती थीं।

डॉक्टर की सलाह पर University of New South Wales ने उन्हें पढ़ाई से compassionate leave दिया। उन्होंने Term 1 और Term 2 में पढ़ाई से ब्रेक लिया, क्योंकि उस समय वे पढ़ाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहे थे।

इसी दौरान उनका student visa lapse हो गया। Ashraf ने नया वीजा आवेदन किया है और अब उसके फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

मानसिक आघात के बाद पढ़ाई से लिया ब्रेक

Ashraf कानून की पढ़ाई कर रहे हैं और उनका कहना है कि कोर्स का workload काफी ज्यादा है। लगातार पढ़ाई और ध्यान की जरूरत के बीच हमले के बाद मानसिक स्थिति के कारण उनके लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो गया था।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में व्यक्ति को घटना का पूरा असर महसूस नहीं होता, लेकिन कुछ समय बाद उसका मानसिक प्रभाव सामने आने लगता है। इसी वजह से उन्होंने उपचार और recovery पर ध्यान दिया।

अब उनका सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनका नया वीजा आवेदन स्वीकार होगा या नहीं। Ashraf का कहना है कि वीजा खारिज होने की स्थिति उनके लिए बेहद मुश्किल होगी।

Abdullah Ashraf Visa: ऑस्ट्रेलिया में रहने की अपील

Ashraf ने ऑस्ट्रेलिया में लंबे समय तक रहने की इच्छा जताई है। वह अपनी कानून की पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं और भविष्य में इसी देश में अपना जीवन आगे बढ़ाना चाहते हैं।

उनका मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने आतंकी हमले के दौरान दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी सुरक्षा को जोखिम में डाला था।

University of Sydney की public law expert Professor Mary Crock ने ABC से बातचीत में कहा कि यह ऐसा मामला है, जिसमें मंत्री के हस्तक्षेप पर विचार किया जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन कानून और संबंधित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र के अनुसार ही होगा।

सरकार ने क्या कहा?

ऑस्ट्रेलिया के Department of Home Affairs ने Ashraf के व्यक्तिगत मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। विभाग ने कहा कि सरकार आपातकालीन परिस्थितियों में दूसरों की सहायता करने वाले लोगों के साहस और निस्वार्थ भावना को पहचानती है।

हालांकि किसी विशेष व्यक्ति को वीजा या ministerial intervention मिलेगा या नहीं, इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। विभाग के अनुसार ऐसे मामलों पर प्रत्येक व्यक्ति की परिस्थितियों और ऑस्ट्रेलिया के migration law के आधार पर अलग-अलग विचार किया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया में ministerial intervention के लिए अलग कानूनी व्यवस्था मौजूद है। Department of Home Affairs के अनुसार कुछ परिस्थितियों में मंत्री सार्वजनिक हित में हस्तक्षेप कर सकते हैं, लेकिन यह शक्ति स्वचालित अधिकार नहीं है और इसका इस्तेमाल मंत्री के विवेक पर निर्भर करता है।

दूसरे बहादुरों को मिल चुकी है स्थायी नागरिकता

Ashraf का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि Bondi Junction stabbing और Bondi Beach attack से जुड़े कुछ अन्य लोगों को उनकी बहादुरी के लिए स्थायी वीजा दिए जा चुके हैं।

ABC की रिपोर्ट के मुताबिक Bondi Junction stabbing के दौरान बहादुरी दिखाने वाले Muhammad Taha और Damien Guerot को permanent visas दिए गए थे। Bondi Beach हमले में मदद करने वाले Geffen Bitton और Rahemath Pasha को भी permanent residency मिली है।

इस पृष्ठभूमि में Ashraf की अपील ने फिर सवाल खड़ा किया है कि असाधारण परिस्थितियों में मदद करने वाले temporary visa holders के मामलों में सरकार किस तरह निर्णय लेती है।

Abdullah Ashraf Visa मामले पर आगे क्या होगा?

फिलहाल Ashraf के नए student visa आवेदन पर निर्णय होना बाकी है। Department of Home Affairs ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्तिगत मामले में वीजा परिणाम या ministerial intervention की संभावना पर वह टिप्पणी नहीं करता।

इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि Ashraf को ऑस्ट्रेलिया में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिलेगी या नहीं। उनका मामला अब उनके वीजा आवेदन और उपलब्ध कानूनी विकल्पों के परिणाम पर निर्भर करेगा।

Abdullah Ashraf Visa मामला सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय छात्र के वीजा संकट तक सीमित नहीं है। यह उस व्यक्ति की कहानी भी है जिसने Bondi Beach आतंकी हमले के दौरान अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना घायलों की मदद की। अब उनका भविष्य ऑस्ट्रेलियाई immigration authorities के फैसले पर निर्भर है। Ashraf की उम्मीद है कि उन्हें अपनी कानून की पढ़ाई पूरी करने और ऑस्ट्रेलिया में अपना भविष्य बनाने का मौका मिलेगा।

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