Gold Scam का एक बड़ा मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सामने आया है। पुराने जमाने का सोना मिलने और बहन की शादी के लिए सस्ते में बेचने का झांसा देकर तीन लोगों से करीब ₹22.50 लाख की ठगी की गई। मामले का खुलासा करते हुए रायपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के कथित मास्टरमाइंड शंभू राय समेत तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह के उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
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Gold Scam: ऐसे रचा गया ठगी का पूरा खेल
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। वे खुद को दिहाड़ी मजदूर या खुदाई का काम करने वाला बताते थे। इसके बाद दावा करते कि खुदाई के दौरान उन्हें पुराने समय के सोने के गहने और सिक्के मिले हैं।
विश्वास जीतने के लिए आरोपी कथित हार का पहले से तैयार रखा गया असली सोने का छोटा टुकड़ा तोड़कर पीड़ित को जांच कराने के लिए देते थे। जब ज्वेलर्स उस टुकड़े को असली सोना बताते, तो पीड़ित पूरे हार को लाखों रुपए में खरीद लेता। बाद में पता चलता कि पूरा हार पीतल का बना हुआ है और आरोपी फरार हो चुके हैं।
रायपुर में तीन लोगों को बनाया शिकार
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने रायपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक जैसी वारदातों को अंजाम दिया।
- न्यू राजेंद्र नगर में एक कारोबारी से ₹2.50 लाख की ठगी।
- तेलीबांधा क्षेत्र में मोबाइल एक्सेसरीज कारोबारी को ₹10 लाख में पीतल का हार बेच दिया।
- डीडी नगर क्षेत्र में दो किलो पुराना सोना बताकर एक व्यक्ति से ₹10 लाख ठग लिए।
इन तीनों मामलों में ठगी की कुल राशि करीब ₹22.50 लाख बताई गई है।
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Gold Scam में स्टोन बेचने के बहाने तलाशता था शिकार
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी शंभू राय अलग-अलग शहरों में राशि पत्थर (स्टोन) बेचने का काम करता था। इसी दौरान वह आर्थिक रूप से सक्षम लोगों की पहचान करता और बाद में उन्हें ठगी का निशाना बनाता था।
जांच में यह भी पता चला कि गिरोह दिल्ली के करोल बाग इलाके से पीतल के हार और अन्य नकली आभूषण खरीदता था। इन्हें पुराना खजाना बताकर बाजार मूल्य से काफी कम कीमत में बेचने का लालच दिया जाता था।
मुंबई से तीन आरोपी गिरफ्तार, नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद
तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर रायपुर पुलिस की टीम मुंबई पहुंची। वहां से शंभू राय, गीता गुजराती और शांति गुजराती को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹9 लाख नकद, 12 चांदी के सिक्के, पीतल के कई आभूषण, चार मोबाइल फोन और मुख्य आरोपी के पास से चार अलग-अलग फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। फर्जी दस्तावेजों की अलग से जांच की जा रही है।
Gold Scam का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला होने की आशंका
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कई राज्यों में एक दर्जन से अधिक वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। हालांकि, इन दावों का सत्यापन संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ किया जा रहा है।
रायपुर पुलिस अब उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।
पुलिस की सलाह: ऐसे झांसे से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुदाई में मिला पुराना सोना, सिक्के या बहुमूल्य आभूषण बाजार मूल्य से बहुत कम कीमत पर बेचने का दावा करे, तो सतर्क रहें।
किसी भी अनजान व्यक्ति से नकद लेन-देन करने से पहले उसकी पहचान और सामान की वैधता की पूरी जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
Gold Scam का यह मामला बताता है कि अपराधी लोगों का विश्वास जीतने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके अपनाते हैं। रायपुर पुलिस की कार्रवाई से अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन जांच अभी जारी है। ऐसे मामलों में सतर्कता, पहचान की पुष्टि और पुलिस को समय पर सूचना देना ही ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
