Birbhum Cash Seizure पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से सामने आया एक बड़ा मामला है, जहां पूर्व सरकारी बस चालक के घर पर हुई रातभर की छापेमारी में ₹20 करोड़ से अधिक नकदी और करीब 15 किलो सोना बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार नकदी की गिनती देर शाम तक जारी रही और अंतिम राशि इससे अधिक भी हो सकती है। मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है।
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Birbhum Cash Seizure: बीरभूम में देर रात बड़ी कार्रवाई
पुलिस ने बुधवार को बीरभूम जिले के देउचा गांव में मिनार मंडल के घर पर छापेमारी की। मिनार मंडल पहले North Bengal State Transport Corporation (NBSTC) में बस चालक के रूप में कार्यरत था, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद वह पत्थर के कारोबार से जुड़ गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को घर से भारी मात्रा में नकदी और सोना मिला। बरामद संपत्ति की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
Birbhum Cash Seizure: क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस के अनुसार छापे के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद हुआ—
बरामदगी की प्रमुख बातें
- ₹20 करोड़ से अधिक नकदी (गिनती देर शाम तक जारी)
- 14 गोल्ड बार, प्रत्येक 1 किलो
- 10 गोल्ड बिस्किट, प्रत्येक 100 ग्राम
- कुल लगभग 15 किलो सोना
- सोने की अनुमानित कीमत करीब ₹21.5 करोड़
- कई करेंसी काउंटिंग मशीनों की मदद से नकदी की गिनती की गई
पुलिस ने मिनार मंडल और उसके बेटे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
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पूर्व बस चालक से पत्थर कारोबारी बनने तक का सफर
पुलिस के अनुसार मिनार मंडल पहले सरकारी परिवहन निगम में चालक था। नौकरी छोड़ने के बाद उसने पत्थर का कारोबार शुरू किया।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना किस स्रोत से आया तथा क्या इसका संबंध अवैध खनन या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से है।
Birbhum Cash Seizure: अवैध खनन और कथित माफिया कनेक्शन की जांच
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई कथित अवैध रेत एवं पत्थर कारोबार से जुड़े टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नज़ीबुद्दीन के नेटवर्क की जांच के दौरान हुई।
मिनार मंडल को टुल्लू मंडल का रिश्तेदार (बहनोई) बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि क्या कथित अवैध गतिविधियों से अर्जित धन और सोना मिनार मंडल के घर पर रखा गया था।
टुल्लू मंडल का नाम पहले भी कथित मवेशी तस्करी और अवैध पत्थर खनन से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। वर्ष 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। बाद में वह एक हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ था और पुलिस के अनुसार फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
पुलिस की जांच किन बिंदुओं पर केंद्रित है?
जांच अधिकारी निम्नलिखित पहलुओं की जांच कर रहे हैं—
- नकदी और सोने का वास्तविक स्रोत
- कथित अवैध खनन से संभावित संबंध
- अन्य ठिकानों पर संपत्ति या नकदी छिपाए जाने की संभावना
- वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड
- संबंधित व्यक्तियों की भूमिका
पुलिस ने अभी तक बरामद नकदी की अंतिम आधिकारिक राशि जारी नहीं की है क्योंकि गिनती पूरी नहीं हुई थी।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए कहा कि शुरुआती चरण में ₹5.5 करोड़ से अधिक नकदी और 15 किलो सोना मिलने की सूचना थी, जबकि बाद में नकदी की मात्रा लगातार बढ़ती गई।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और कथित माफिया नेटवर्क के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा। साथ ही यह भी कहा कि सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Birbhum Cash Seizure पश्चिम बंगाल की हालिया सबसे चर्चित बरामदगियों में से एक बन गया है। ₹20 करोड़ से अधिक नकदी और 15 किलो सोने की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां धन के स्रोत, कथित अवैध खनन नेटवर्क तथा इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
