स्मृति नगर से गुम युवक की गुत्थी सुलझी, हत्या के बाद शव के टुकड़े कर फेंके दिए थे जंगल में, 6 आरोपी गिरफ्तार

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अपहरण और शव को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त कार

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। भिलाई के स्मृति नगर से पखवाड़ा भर पहले लापता हुए युवक की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। युवक को आरोपियों ने अगवा कर हत्या कर दी थी और शव के टुकड़े-टुकड़े कर महासमुंद से लगभग 150 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे पर मौजूद जंगलों में बोरी में भर कर फेंक दिया था। पुलिस ने मौके से शव के अवशेष और हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए है। इस मामले में 6 आरोपियों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है। आरोपियों के खिलाफ दफा 302, 364, 201, 120बी, 147, 148, 342, 109 के तहत कार्रवाई की गई है। सभी आरोपी सिमगा थाना क्षेत्र के ग्राम कचकोन के निवासी है।

बता दें कि स्मृति नगर में किराए के मकान में रह कर म्यूजिक एल्बम बनाने का काम करने वाला युवक निलेश डाहरे 7 अक्टूबर से लापता था। जिसकी पुलिस में शिकायत गुमशुदगी के 10 दिनों बाद 17 अक्टूबर को उसके भाई नितेश ने की थी। पतासाजी करने पर किसी प्रकार की जानकारी हासिल नहीं होने पर टेक्निकल साक्ष्यों की मदद ली गई। निलेश की काॅल डिटेल निकलवाने पर उसके अवलोकन पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सामने आई। थाना प्रभारी द्वारा तत्काल इसकी सूचना जिसकी जानकारी मिलने पर एसपी अभिषेक पल्लव, एएसपी सिटी संजय धुव्र के मार्गदर्शन में सुपेला टीआई दुर्गेश शर्मा के नेतृत्व में 8 सदस्यीय टीम का गठन किया गया और सिमगा थाना क्षेत्र के कचकोन में टीम ने डेरा जमाया।

सी.डी.आर. में मिले तथ्यो के आधार पर सूक्ष्म इन्वेंस्टीगेशन करते हुए, मामले से जुडे़ 6 संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सभी संदेही बहुत ज्यादा शातिर व अपराधिक प्रवृत्ति के लोग थे। पूरे क्षेत्र में इनके नाम का खौफ था। बहुत मशक्कत के बाद 6 में से 3 आरोपी टूट गये और नीलेश को भिलाई से अपहरण कर लाकर हत्या कर देना कबूल किया। आरोपियों ने घटना कबूल तो कर लिया था परन्तु आरोपियों ने जो घटना का स्वरूप पुलिस को बताया वो पुलिस टीम को पच नही रही थी और न ही आरोपियो के निशानदेही पर मृतक का शव अथवा हथियार कोई भी साक्ष्य बरामद नही हो पा रहे थे। पुलिस टीम के हाथ अब भी पूरी तरह से खाली थे।

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अभियुक्तों की निशानदेही पर शव के अवशेषों को तलाशती पुलिस

इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबीर से कुछ महत्वपूर्ण सूचना मिली जिसके आधार पर आरोपियों से पुनः पूछताछ किये जाने पर आरोपियों ने घटना कबूल किया और बताया कि नीलेश से सभी आरोपियों का दोस्ती था। जो अपने फरारी के समय भी नीलेश के पास आकर ठहरते थे। टीम में आरोपियों के निशानदेही पर मृतक के शव का धड़ का भाग महासमुंद से करीब 150 कि.मी. दूर नेशनल हाईवे से लगे पहाड़ जंगल से बरामद कर लिया है। अन्य हिस्सो को अलग-अलग जगह नदी में फेंकना बताये है। जिसकी तलाश अब भी जारी है। आरोपीगण द्वारा घटना में प्रयुक्त कुल्हाडी, चाकू, व डंडे आदि पुलिस ने बरामद कर लिये है। घटना में प्रयुक्त अर्टिका कार व मृतक की एक्टीवा भी आरोपीगण के कब्जे से बरामद कर लिया गया है। पुलिस टीम ने मामले में अब तक 06 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कुछ संदेही की तलाश अब भी पुलिस कर रही है।

घटना के कारण का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि वारदात में शामिल आरोपी मोण्टू व वरूण से मृतक नीलेश ने करीब 1,60,000 रूपये भी ले रखे थे। साथ ही मोण्टू का एक एक्टीवा भी अपने पास रखा था, जो दे नही रहा था। जब भी ये एक्टीवा लेने जाते थे तो नीलेश पुलिस में रिपोर्ट करने की धमकी देता था। इसी बात से नाराज होकर मोण्टू, जो कि एक कुख्यात अपराधी है ने अपने गैंग के वरूण, भोजराम व अन्य के साथ मिलकर किराये की एक अर्टिका कार बुक कर भिलाई आकर मृतक नीलेश का अपहरण कर ग्राम कचकोन(सिमगा) में एक नर्सरी में ले जाकर मारपीट कर हत्या किये। हत्या करने के बाद मनीष निवासी कचकोन के घर लाकर मृतक के शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर उन्हे अलग-अलग चार बोरों में भर कर डिस्पोज कर दिये थे। अलग-अलग जगहो से 2 नग नकली पिस्टल, तलवार, चाकू, फरसा और कई अलग-अलग तरह के हथियार बरामद किये गये है। अपहरण और हत्या की इस वारदात में शामिल अमरजीत उर्फ मोण्टू, हरेन्द्र उर्फ फोकली महेश्वरी, वरूण सोनकर, भोजराम निषाद, मनीष राव गायकवाड़, भूपत साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।