नई दिल्ली | 16 जून 2026: Delay in NCERT textbook — यह समस्या इस बार देश भर के लाखों छात्रों और शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। नया शैक्षणिक सत्र स्कूलों में शुरू हो चुका है, लेकिन कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की नई पाठ्यपुस्तक अभी तक न छपी है और न ही वितरित हुई है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने खुद इस देरी को स्वीकार किया है और इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत पाठ्यक्रम बदलाव को जिम्मेदार बताया है।
📢शिक्षा से जुड़ी हर ज़रूरी खबर के लिए: Join 4thNation WhatsApp Channel
Delay in NCERT Textbook — NCERT ने मानी चूक
NCERT ने हाल ही में जारी बयान में स्वीकार किया है कि कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक अभी तक मुद्रण और वितरण के लिए तैयार नहीं हो पाई है। यह तब हुआ जब देश के अधिकांश स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र पहले ही शुरू हो चुका है।
परिषद ने कहा कि पुस्तक अब मुद्रण के लिए लगभग तैयार है और जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन यह देरी लाखों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए गंभीर व्यावहारिक चुनौतियां पैदा कर चुकी है।
NEP 2020 क्यों बनी देरी की वजह?
NCERT के अनुसार, delay in NCERT textbook का मुख्य कारण NEP 2020 के तहत पाठ्यक्रम में व्यापक बदलाव और नई सामग्री तैयार करने में लगा अतिरिक्त समय है। नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम को पूरी तरह नए सिरे से तैयार किया गया है।
इस प्रक्रिया में विषय विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शिक्षकों के साथ व्यापक परामर्श शामिल था। परिणामस्वरूप, कुछ पाठ्यपुस्तकें अपेक्षा से अधिक समय लेने के कारण समय पर नहीं पहुंच पाईं।
90 लाख किताबें छपीं — फिर भी सामाजिक विज्ञान क्यों छूटी?
NCERT ने यह भी स्पष्ट किया कि कक्षा 9 के नौ अन्य विषयों की 90 लाख से अधिक पाठ्यपुस्तकें पहले ही देशभर में प्रकाशित और वितरित की जा चुकी हैं। लेकिन सामाजिक विज्ञान की किताब अभी भी अनुपलब्ध है।
वितरित पाठ्यपुस्तकें
90 लाख+
9 विषयों में
अनुपलब्ध पुस्तक
सामाजिक विज्ञान
कक्षा 9
आंशिक उपलब्ध
गणित भाग 1
भाग 2 अनुपलब्ध
📢NCERT-NEP 2020 से जुड़ी हर अपडेट यहाँ मिलेगी: 4thNation WhatsApp Channel जॉइन करें

Delay in NCERT Textbook — स्कूलों और शिक्षकों पर क्या असर?
पाठ योजना बनाना हुआ मुश्किल
देशभर के कई स्कूलों ने नए पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई शुरू कर दी है। लेकिन सामाजिक विज्ञान की पुस्तक न होने के कारण शिक्षक पाठ योजना (Lesson Plan), वर्कशीट, परीक्षण और वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार करने में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
शिक्षकों को सीमित संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वे पुरानी सामग्री के आधार पर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं, जबकि NEP 2020 के तहत पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव हो चुके हैं। यह स्थिति शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
“पाठ्यपुस्तक के बिना शिक्षक अनुमान के आधार पर पढ़ा रहे हैं। यह छात्रों के भविष्य के साथ न्याय नहीं है।”
— शिक्षाविदों की प्रतिक्रिया
गणित की भी आधी किताब — और भी समस्याएं
सामाजिक विज्ञान की देरी के साथ-साथ delay in NCERT textbook की यह समस्या अन्य विषयों में भी देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने बताया कि गणित की केवल भाग 1 (Part 1) उपलब्ध है, जबकि भाग 2 अभी तक नहीं आई है।
इससे स्कूलों में अध्यायों के क्रम को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है। शिक्षक और विद्यार्थी दोनों इस अनिश्चितता में शैक्षणिक वर्ष की योजना बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
NCERT की सफाई और वितरण योजना
NCERT ने भरोसा दिलाया है कि वह अपने विक्रेता नेटवर्क, बिक्री काउंटर, आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।
परिषद ने यह भी कहा कि संक्रमण के इस चरण में कुछ स्थानों पर अस्थायी कमी हो सकती है। पुस्तक मुद्रण के लिए तैयार है और जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगी — यह आश्वासन हालांकि स्कूलों को पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहा।
📢NCERT किताब कब आएगी? अपडेट के लिए: Join 4thNation Channel
Delay in NCERT Textbook — अभिभावकों और विशेषज्ञों की चिंता
समय पर किताब मिलना क्यों ज़रूरी है?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुचारु शिक्षा के लिए अनिवार्य है। जब किताबें देर से मिलती हैं तो छात्र शुरुआती हफ्तों में ही पिछड़ जाते हैं, जिसकी भरपाई पूरे वर्ष करना मुश्किल होता है।
अभिभावकों में भी गहरी चिंता है। कई माता-पिता ने सवाल उठाया कि जब NCERT को पता था कि NEP 2020 के तहत नया पाठ्यक्रम लागू होगा, तो सत्र शुरू होने से पहले किताबें क्यों नहीं तैयार की गईं? यह एक उचित और महत्वपूर्ण सवाल है जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला है।
Delay in NCERT textbook की यह समस्या महज एक प्रशासनिक चूक नहीं है — यह लाखों छात्रों के मूल्यवान शैक्षणिक समय की बर्बादी है। नया सत्र शुरू होने के बावजूद कक्षा 9 के छात्रों के पास सामाजिक विज्ञान की किताब न होना, शिक्षा व्यवस्था की योजना और क्रियान्वयन में गंभीर खामी को उजागर करता है। NCERT को भविष्य में यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी नई नीति लागू होने से पहले उससे जुड़ी सभी पाठ्यपुस्तकें समय पर तैयार और वितरित हों — ताकि delay in NCERT textbook जैसी स्थिति दोबारा न आए।
