रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक आज विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च गुणवत्ता और तय समय-सीमा में पूरा किया जाए ताकि अधिकतम ग्रामीण परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से धरसा पहुंच मार्ग निर्माण और अमृत सरोवर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिले और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।
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ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, जिससे यह योजना गरीबों के सशक्तिकरण में मजबूत आधार बन सके।
मनरेगा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत
बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की प्रगति रिपोर्ट, लेबर बजट 2025-26, प्रमुख इंडिकेटर्स और कॉन्वर्जेंस मॉडल पर गहन समीक्षा की गई।
मनरेगा आयुक्त रजत बंसल ने बताया कि प्रदेश में कुल 38.52 लाख पंजीकृत परिवारों में से 24.89 लाख परिवारों को रोजगार दिया गया है। अमृत सरोवर योजना के तहत 2,902 जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1,095 स्वीकृत, 299 पूर्ण और 472 पर कार्य प्रगति पर है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, सचिव डॉ. बसवराजू एस, पी. दयानंद, राहुल भगत और मनरेगा आयुक्त रजत बंसल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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