आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में जहां 182 खिलाड़ियों को टीमों ने चुना, वहीं 395 खिलाड़ियों को अनदेखा किया गया। इनमें से 145 कैप्ड खिलाड़ी थे और केवल 12 भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को खरीददार नहीं मिला। इनमें युवा प्रतिभा माने जाने वाले पृथ्वी शॉ और अनुभवी ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर का नाम प्रमुख है।
33 वर्षीय शार्दुल ठाकुर के लिए यह एक झटका है, जो 2022 में ₹10.75 करोड़ की बड़ी बोली पर बिके थे। 2023 में उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स से इसी राशि पर ट्रेड किया था, जबकि 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें ₹4 करोड़ में खरीदा। लेकिन इस साल कोई भी फ्रेंचाइज़ी उनके अनुभव और कौशल को टीम में शामिल करने के लिए तैयार नहीं दिखी।

शार्दुल की सबसे बड़ी उपयोगिता उनके विकेट लेने की क्षमता और लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी में देखी जाती रही है। हालांकि, टी20 क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी को कोई खास बढ़त नहीं मिली और बल्ले से भी उन्हें अक्सर कम मौके दिए गए। पिछले एक साल में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन में गिरावट ने उनकी आईपीएल कीमत को और प्रभावित किया। नई 12-खिलाड़ी वाली टीम संरचना और इम्पैक्ट प्लेयर नियम ने भी उनकी उपयोगिता को सीमित किया।
इसी उम्र के दूसरे खिलाड़ी मयंक अग्रवाल के लिए भी यह समय कठिन रहा। पिछले तीन सालों में उनके आईपीएल स्ट्राइक रेट (122, 128, 118) में गिरावट ने फ्रेंचाइज़ियों को उन्हें नज़रअंदाज करने पर मजबूर कर दिया। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में मयंक को तेज़ गति से रन बनाने वालों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी। इसके बावजूद, अगर किस्मत ने साथ दिया होता, तो शायद ऑक्शन के आखिरी चरण में उन्हें मौका मिल सकता था, जैसा कि अजिंक्य रहाणे और मनीष पांडे जैसे खिलाड़ियों के साथ हुआ।
