नई दिल्ली। पिछले साल हुए दिल्ली दंगे के एक मामले में आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट पिछले साल उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के दौरान एक महिला के घर में आग लगाने वाले एक शख्स को गैरकानूनी भीड़ में शामिल होने के लिए सोमवार को दोषी ठहराया। यह दिल्ली दंगा केस में किसी को दोषी ठहराए जाने का पहला केस है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने सुनाया। कोर्ट ने दिनेश यादव को अवैध रूप से जमा होने, दंगा करने, आगजनी करने, डकैती और घर में घुसने के आरोप में दोषी करार दिया। सजा पर ऐलान 22 दिसम्बर को होगा।
दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया है कि दिनेश यादव 25 फरवरी की रात मनोरी नाम की एक 73 वर्षीय महिला के घर दंगाइयों और आगजनी करने वाली भीड़ का सक्रिय सदस्य था। दिल्ली पुलिस ने दिनेश यादव को 8 जून 2020 को गिरफ्तार किया था। मामला गोकलपुरी थाने का है। इसके तहत धारा 149 के साथ धारा 143,147, 148, 457, 392, 436 के तहत दोषी ठहराया गया है। दिल्ली हिंसा को लेकर 750 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
इससे पहले दिल्ली का कड़कड़डूमा कोर्ट ने जुलाई में दिल्ली दंगों के पहले मामले में फ़ैसला सुनाया। कड़कड़डूमा कोर्ट ने दंगा भड़काने और लूटपाट के मामले में आरोपी सुरेश उर्फ भटूरा को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि “आरोपी की पहचान स्थापित नहीं हो सकी। गवाहों के बयान विरोधाभासी हैं।”

