रायपुर, 28 जुलाई 2026। Cooperative Department Review के तहत सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के सभाकक्ष में विभागीय कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग की 16 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके मैदानी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
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Cooperative Department Review में डिजिटल सहकारिता पर विशेष जोर
Cooperative Department Review के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से अंतिम व्यक्ति और हर किसान तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। आधुनिक बैंकिंग सेवाओं और डिजिटलीकरण से किसानों का सहकारिता व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा।
PACS के डिजिटलीकरण और ऑडिट में तेजी के निर्देश
Cooperative Department Review में मंत्री ने अधिकारियों को PACS के शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण और ऑडिट प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड और समयबद्ध लेखा परीक्षण से वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी तथा सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनेगी।
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कृषि ऋण, खाद और बीज वितरण को लेकर सरकार सख्त
बैठक में खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को समय पर कृषि ऋण, उर्वरक और बीज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
सरकार ने सहकारी बैंकों के माध्यम से ₹8,800 करोड़ के अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अब तक—
- 14 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला।
- ₹6,932 करोड़ का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है।
- यह निर्धारित लक्ष्य का लगभग 79 प्रतिशत है।
मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
Cooperative Department Review में डेयरी और मत्स्य समितियों को सक्रिय करने के निर्देश
मंत्री ने समीक्षा बैठक में डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को सक्रिय करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ हुए एमओयू के तहत कार्ययोजना बनाकर दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाए, ताकि किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके।
गोदाम निर्माण और नई PACS समितियों की समीक्षा
Cooperative Department Review के दौरान RIDF योजना के अंतर्गत गोदाम निर्माण की भी समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि—
- 725 गोदामों में से 712 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है।
- शेष 13 गोदामों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- नवगठित 515 PACS के सुचारू संचालन पर भी विशेष जोर दिया गया।
- 100 नई सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगी डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं
मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और माइक्रो एटीएम की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से किसानों को बैंकिंग सेवाएं गांवों में ही आसानी से उपलब्ध होंगी और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन और धान उपार्जन पर सख्ती
Cooperative Department Review में मंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ई-ऑफिस प्रणाली और आधार आधारित उपस्थिति को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने—
- लंबित जन शिकायतों का शीघ्र निराकरण,
- न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाब,
- धान उपार्जन केंद्रों में शेष धान का पारदर्शी और त्वरित अंतिम निराकरण
सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं रमेश शर्मा, मार्कफेड के प्रबंध संचालक जितेंद्र शुक्ला, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के. एन. कांडे, अपर पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, सावित्री भगत सहित विभागीय अधिकारी और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ उपस्थित रहे।
Cooperative Department Review में लिए गए फैसले स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। PACS के डिजिटलीकरण, कृषि ऋण वितरण, डेयरी एवं मत्स्य समितियों के सशक्तीकरण, गोदाम निर्माण और डिजिटल बैंकिंग जैसी पहलों से किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। Cooperative Department Review के दौरान दिए गए निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश की सहकारिता व्यवस्था और मजबूत होगी।
