BJP Congress Clash को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। रायपुर में कांग्रेस कार्यालय के घेराव के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। लोरमी दौरे पर पहुंचे अरुण साव ने कहा कि भाजपा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने जा रही थी, लेकिन कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता लाठियां और झंडे लेकर पहुंचे थे, जिससे विवाद की स्थिति बनी। वहीं कांग्रेस की ओर से इस पूरे मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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BJP Congress Clash: अरुण साव ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
लोरमी में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भाजपा का कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण था। पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहले से माहौल बिगाड़ने की तैयारी कर रखी थी। उनके मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ता लाठियां और झंडे लेकर पहुंचे और जानबूझकर टकराव की स्थिति बनाई।
अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसक माहौल बनाना और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना उचित नहीं है।
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पुलिस अधिकारियों को धमकाने का भी लगाया आरोप
BJP Congress Clash पर बोलते हुए डिप्टी सीएम ने कांग्रेस नेताओं पर पुलिस अधिकारियों को धमकाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि “सरकारें आती-जाती रहती हैं, हम देख लेंगे।”
अरुण साव ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी को भी पुलिस या प्रशासन पर दबाव बनाने का अधिकार नहीं है।
घेराव के दौरान कैसे बिगड़ी स्थिति?
रायपुर में कांग्रेस कार्यालय के घेराव के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर दोनों पक्षों को अलग किया और कानून-व्यवस्था बहाल की।
घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया और भाजपा तथा कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाए।
दीपक बैज का धरना और कांग्रेस का दावा
घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज रायपुर के खम्हारडीह थाने पहुंचे और करीब 18 घंटे तक धरने पर बैठे रहे।
धरना समाप्त करने के बाद दीपक बैज ने दावा किया कि पुलिस ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे। इसी आश्वासन के बाद कांग्रेस ने अपना धरना समाप्त किया।
हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
BJP Congress Clash का राजनीतिक असर
रायपुर की यह घटना अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गई है। भाजपा जहां कांग्रेस पर हिंसा और अराजकता फैलाने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस भाजपा पर उकसावे की राजनीति करने का आरोप लगा रही है।
आने वाले दिनों में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को लेकर लगातार एक-दूसरे पर हमलावर हैं।
BJP Congress Clash ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर माहौल बिगाड़ने और पुलिस को धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि कांग्रेस भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग कर रही है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
