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Smart Meter के खिलाफ कांग्रेस का अभियान तेज

Smart meter को लेकर कांग्रेस का विरोध अब शहर और ब्लॉक स्तर से आगे बढ़ाकर गांव, मोहल्ले और बूथ स्तर तक ले जाने की तैयारी है। दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर हटाओ अभियान को घर-घर पहुंचाने की रणनीति बनाई है। इसके तहत कांग्रेस कार्यकर्ता परिवारों से संपर्क कर उनकी समस्याएं जानेंगे और स्मार्ट मीटर हटाने के लिए फॉर्म भरवाएंगे।

भरे गए फॉर्म संगठन के माध्यम से आगे भेजे जाएंगे। कांग्रेस का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा परिवारों को अभियान से जोड़ना और स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की शिकायतों एवं असंतोष की जानकारी जुटाना है।

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Smart Meter को लेकर दुर्ग ग्रामीण में बैठक

सोमवार को दुर्ग स्थित राजीव भवन में जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने की।

प्रदेश कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे स्मार्ट मीटर हटाओ अभियान के दुर्ग ग्रामीण जिला प्रभारी विनोद तिवारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में जिला पदाधिकारियों के साथ सभी ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों ने हिस्सा लिया।

बैठक में अभियान की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा की गई और आने वाले दिनों में इसे अधिक व्यापक स्तर पर संचालित करने की रूपरेखा पर चर्चा हुई।

घर-घर जाकर Smart Meter की जानकारी

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि अब पार्टी कार्यकर्ता केवल बैठकों और प्रदर्शनों तक सीमित नहीं रहेंगे। वे सीधे लोगों के घरों तक पहुंचकर स्मार्ट मीटर से जुड़ी उनकी परेशानियों और शिकायतों की जानकारी लेंगे।

कार्यकर्ता परिवारों से Smart Meter हटाने के लिए फॉर्म भी भरवाएंगे। इसके जरिए कांग्रेस यह जानने की कोशिश करेगी कि कितने परिवार इस अभियान से जुड़ना चाहते हैं और उनकी प्रमुख समस्याएं क्या हैं।

घर-घर संपर्क को अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी बनाया गया है। कांग्रेस का कहना है कि इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की राय को समझने और अभियान को आगे की रणनीति के साथ चलाने में मदद मिलेगी।

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Smart Meter अभियान को बूथ स्तर तक पहुंचाने की तैयारी

कांग्रेस अब अभियान को बड़े कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखना चाहती। संगठन की योजना है कि बूथ को अभियान की सबसे छोटी और प्रभावी इकाई बनाकर काम किया जाए।

इसके तहत पहले मंडल स्तर पर कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इसके बाद सेक्टर और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। कार्यकर्ताओं के माध्यम से संबंधित इलाकों के घरों तक सीधे पहुंच बनाने की कोशिश होगी।

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि बूथ स्तर तक अभियान पहुंचने से स्थानीय समस्याओं की जानकारी ज्यादा व्यवस्थित तरीके से जुटाई जा सकेगी।

हर बूथ पर घरों की सूची बनाने की योजना

अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में घरों की जानकारी जुटाने की तैयारी कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन परिवारों में स्मार्ट मीटर को लेकर असंतोष या शिकायतें हैं।

फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया के जरिए प्राप्त जानकारी को संगठन के स्तर पर संकलित किया जाएगा। इससे कांग्रेस को अभियान की पहुंच और लोगों की प्रतिक्रियाओं का आकलन करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, यह अभियान कांग्रेस की राजनीतिक पहल है और इसमें सामने आने वाली शिकायतें पार्टी द्वारा जुटाई गई जानकारी के रूप में देखी जानी चाहिए।

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गांव-गांव तक आंदोलन ले जाने की रणनीति

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में असंतोष की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही है और अब इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर और बूथ स्तर तक ले जाया जाएगा।

उनके अनुसार कार्यकर्ता प्रत्येक परिवार से संपर्क करेंगे। इस दौरान लोगों की समस्याओं को समझने के साथ स्मार्ट मीटर हटाने के लिए फॉर्म भी भरवाए जाएंगे।

कांग्रेस ने इसे केवल संगठन का कार्यक्रम न बताते हुए आम लोगों से जुड़े मुद्दे के तौर पर प्रस्तुत किया है। आने वाले दिनों में अभियान की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर और बढ़ाई जा सकती हैं।

कार्यकर्ताओं को दी जाएगी जिम्मेदारी

अभियान के जिला प्रभारी विनोद तिवारी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर स्मार्ट मीटर हटाओ अभियान को बड़े जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी है।

उन्होंने बताया कि मंडल, सेक्टर और बूथ स्तर के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। अभियान के दौरान लोगों को स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी देने और उनकी शिकायतें दर्ज करने पर भी जोर रहेगा।

बैठक में आने वाले दिनों के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। पहले मंडल स्तर पर गतिविधियां आयोजित होंगी और फिर उन्हें सेक्टर एवं बूथ स्तर तक विस्तार दिया जाएगा।

अभियान में लोगों की समस्याएं जानने पर जोर

दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस की रणनीति में जनसंपर्क को प्रमुख स्थान दिया गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिए परिवारों तक पहुंचकर उनकी राय जानने की कोशिश की जाएगी।

स्मार्ट मीटर हटाने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। आगे इन फॉर्म और प्राप्त जानकारी का संगठन किस तरह उपयोग करता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

Smart Meter को लेकर दुर्ग ग्रामीण में कांग्रेस ने अपने विरोध अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। घर-घर संपर्क, फॉर्म भरवाने और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करने की रणनीति के जरिए पार्टी अभियान का विस्तार करना चाहती है। फिलहाल यह कांग्रेस का राजनीतिक अभियान है, जबकि स्मार्ट मीटर से जुड़ी वास्तविक शिकायतों और उनके समाधान की स्थिति संबंधित बिजली विभाग एवं आधिकारिक व्यवस्था की जानकारी से स्पष्ट होगी। आने वाले दिनों में गांव और बूथ स्तर पर अभियान की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

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