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Sonam Wangchuk का CJP नेताओं पर बड़ा बयान

Sonam Wangchuk ने Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापकों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि उनके आकलन के मुताबिक CJP के संस्थापक राजनीति में आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा रखते हैं, हालांकि उन्होंने खुद वांगचुक के सामने ऐसी कोई बात सीधे तौर पर नहीं कही है।

प्रखर गुप्ता के साथ बातचीत में वांगचुक ने साफ किया कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखना अपने आप में गलत बात नहीं है। उनका मानना है कि आंदोलन से जुड़े युवा भविष्य में राजनीति में जाना चाहें तो इसमें कोई बुराई नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने CJP के संस्थापकों को लेकर कहा कि वे “संत” नहीं हैं और संभव है कि उनके अपने राजनीतिक लक्ष्य हों। हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत समझ और उनके साथ काम करने के दौरान बना आकलन है, न कि संस्थापकों द्वारा की गई कोई प्रत्यक्ष घोषणा।

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Sonam Wangchuk ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा को गलत क्यों नहीं माना?

Sonam Wangchuk ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा को नकारात्मक नजरिए से देखने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि देश को ज्यादा युवा नेताओं की जरूरत है और युवाओं का राजनीतिक दलों से जुड़ना या अपनी पार्टी बनाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

वांगचुक का जोर इस बात पर था कि किसी आंदोलन और राजनीतिक पार्टी के एजेंडे के बीच स्पष्ट अंतर बना रहना चाहिए। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति का भविष्य में राजनीति में जाना अलग बात है, लेकिन आंदोलन के मंच का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल के हित में नहीं होना चाहिए।

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CJP संस्थापकों पर वांगचुक का आकलन

वांगचुक ने बताया कि उन्होंने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ काफी करीब से काम किया है। इसी अनुभव के आधार पर उन्हें लगता है कि इन नेताओं की भविष्य में राजनीतिक भूमिका की इच्छा हो सकती है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन लोगों ने उन्हें सीधे यह नहीं बताया कि वे राजनीति में आने की योजना बना रहे हैं। इसलिए इस बयान को उनकी व्यक्तिगत धारणा के रूप में देखना जरूरी है।

Jantar Mantar आंदोलन में साथ काम करने का अनुभव

यह टिप्पणी उस आंदोलन की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें वांगचुक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP से जुड़े नेताओं के साथ काम किया था। यह प्रदर्शन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर करीब दो महीने तक चला था।

वांगचुक के मुताबिक, आंदोलन के दौरान उन्होंने दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को करीब से देखा। इसी दौरान उनके मन में यह धारणा बनी कि इन युवा नेताओं में भविष्य में राजनीति में जाने की महत्वाकांक्षा हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब वह छात्र आंदोलन में शामिल हुए थे, तब कुछ आलोचकों ने उन्हें बताया था कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। लेकिन वांगचुक ने इस बात को अपने लिए कोई समस्या नहीं माना।

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Sonam Wangchuk ने आंदोलन को लेकर दी अहम सलाह

Sonam Wangchuk ने CJP से जुड़े नेताओं को एक अहम सलाह भी दी थी। उनका कहना था कि भविष्य में चाहे उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हों, लेकिन छात्र आंदोलन के मंच को किसी पार्टी के राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

वांगचुक ने आंदोलन की निष्पक्षता और राजनीतिक स्वतंत्रता को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि यह मंच किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि छात्रों और नागरिकों की आवाज है।

राजनीतिक रंग से दूर रखना क्यों जरूरी?

वांगचुक के अनुसार, आंदोलन की ताकत इसी में थी कि उसे किसी एक राजनीतिक दल से जोड़कर नहीं देखा जा रहा था। यदि मंच पर किसी पार्टी का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता, तो आंदोलन की व्यापक स्वीकार्यता प्रभावित हो सकती थी।

उन्होंने बताया कि उन्होंने CJP नेताओं से मंच की “sanctity” बनाए रखने और उसे एक तटस्थ, गैर-दलीय pressure group की तरह रखने को कहा था। उनके मुताबिक, इससे आंदोलन अपने मुद्दों पर ज्यादा प्रभावी ढंग से काम कर सकता है।

युवाओं के राजनीति में आने पर क्या बोले वांगचुक?

वांगचुक ने युवा नेताओं के राजनीति में आने का समर्थन करते हुए कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा को अपने आप में नकारात्मक नहीं माना जाना चाहिए। उनका मानना है कि नई पीढ़ी के ज्यादा लोगों को राजनीति में आना चाहिए और जरूरत पड़े तो अपनी राजनीतिक पार्टियां भी बनानी चाहिए।

लेकिन उन्होंने इसके साथ जिम्मेदारी की सीमा भी स्पष्ट की। आंदोलन के दौरान राजनीतिक तटस्थता और भविष्य की व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा को अलग रखना जरूरी है।

CJP के संस्थापकों के राजनीतिक भविष्य पर अभी कोई अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए वांगचुक की टिप्पणी को उनके व्यक्तिगत आकलन के रूप में देखना ही उचित है, न कि CJP नेताओं की राजनीति में प्रवेश की आधिकारिक पुष्टि के तौर पर।

Sonam Wangchuk का CJP संस्थापकों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने एक तरफ युवा नेताओं के राजनीति में आने को स्वाभाविक और सकारात्मक बताया, वहीं दूसरी तरफ आंदोलन को किसी पार्टी के एजेंडे से दूर रखने पर जोर दिया। अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के राजनीतिक भविष्य को लेकर फिलहाल वांगचुक का आकलन चर्चा का विषय है, लेकिन उनके अनुसार आंदोलन की तटस्थता बनाए रखना सबसे जरूरी है।

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