4thnation

Traditional Healers Meeting: वैद्यों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए सरकार का बड़ा कदम

Traditional Healers Meeting के तहत छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा रायपुर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर के विभिन्न जिलों और सुदूर अंचलों से आए 8 वैद्य संघों के 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैद्यों के हितों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करना और भविष्य के लिए कार्ययोजना तैयार करना था।

बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने की। इस दौरान वैद्यों के संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन और सामाजिक-आर्थिक उत्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

Join 4thnation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Traditional Healers Meeting में वैद्यों के योगदान का सम्मान

बैठक की शुरुआत वैद्य प्रतिनिधियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई। बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम और उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने सभी प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया।

बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को संरक्षित करने और वैद्यों को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

पारंपरिक ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर

अधिकारियों ने कहा कि वैद्य समुदाय के पास सदियों पुराना उपचार संबंधी ज्ञान मौजूद है। इस ज्ञान को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।


Traditional Healers Meeting में वैद्य सम्मेलनों की समीक्षा

बैठक में वैद्य सम्मेलनों के आयोजन और उनकी उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 11 वैद्य सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं।

11 वैद्य सम्मेलन हो चुके आयोजित

इन सम्मेलनों में—

  • 1 राज्य स्तरीय सम्मेलन
  • 6 संभाग स्तरीय सम्मेलन
  • 4 जिला स्तरीय सम्मेलन

शामिल हैं।

इन आयोजनों का उद्देश्य पारंपरिक उपचार पद्धतियों और औषधीय ज्ञान को संरक्षित करना है।

यह भी पढ़ें: Organic Farming Workshop: जैविक खेती ही सुरक्षित भविष्य का आधार, कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बड़ा बयान


औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण का प्रशिक्षण

Traditional Healers Meeting में औषधीय पौधों के संरक्षण और खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई।

वैद्यों को दिया जा रहा तकनीकी प्रशिक्षण

बोर्ड द्वारा वैद्यों को औषधीय पौधों की खेती, विनाश-विहीन विदोहन तकनीक और वनौषधियों के संरक्षण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से वैद्य अपने अनुभव साझा करते हैं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी प्राप्त करते हैं।

ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा

बैठकों और प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के वैद्य एक-दूसरे से सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्राप्त कर रहे हैं।


Traditional Healers Meeting में वैद्य प्रमाणीकरण पर चर्चा

बैठक में वैद्य प्रमाणीकरण कार्यक्रम को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई।

बोर्ड द्वारा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के माध्यम से अब तक 37 वैद्यों का प्रमाणीकरण कराया जा चुका है।

प्रमाणीकरण से बढ़ रही विश्वसनीयता

प्रमाणित वैद्यों को अधिक पहचान और विश्वसनीयता मिल रही है, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को भी नई स्वीकार्यता प्राप्त हो रही है।


हीलर हर्बल गार्डन योजना से मिल रहा लाभ

Traditional Healers Meeting में हीलर हर्बल गार्डन योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

इस योजना के तहत वैद्यों को उनके घर या बाड़ी में औषधीय पौधों का उद्यान विकसित करने के लिए तकनीकी और आर्थिक सहायता दी जाती है।

स्कूलों में भी बन रहे हर्बल गार्डन

बोर्ड द्वारा वैद्यों के गांवों के स्कूलों में भी हर्बल गार्डन विकसित किए जा रहे हैं ताकि बच्चों को औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी मिल सके।


निःशुल्क पौध वितरण और पल्वराइजर मशीन सुविधा

होम हर्बल गार्डन योजना के अंतर्गत लोगों को निःशुल्क औषधीय पौधे वितरित किए जा रहे हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर वैद्यों को जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण के लिए राज्य के 28 जिलों में 40 निःशुल्क पल्वराइजर मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

यह पहल पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।


पारंपरिक चिकित्सा को मिलेगा नया प्रोत्साहन

बैठक के अंत में अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि बोर्ड वैद्यों की स्वास्थ्य परंपराओं, ज्ञान संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने बताया कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से जड़ी-बूटी आधारित उपचार और परामर्श केंद्र स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

Join 4thnation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Traditional Healers Meeting ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ सरकार पारंपरिक चिकित्सा और वैद्य समुदाय के संरक्षण को लेकर गंभीर है। वैद्य प्रमाणीकरण, हर्बल गार्डन योजना, प्रशिक्षण कार्यक्रम और औषधीय पौधों के संरक्षण जैसी पहलें इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आने वाले समय में Traditional Healers Meeting के माध्यम से तैयार की गई कार्ययोजनाएं राज्य की पारंपरिक स्वास्थ्य परंपराओं को और अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *