Jharkhand Recruitment Exam Protest लगातार तेज होता जा रहा है। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान शुक्रवार को अनशन पर बैठे एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटनाक्रम ने आंदोलन को और गंभीर बना दिया है। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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Jharkhand Recruitment Exam Protest: छात्र राहुल क्रांति की बिगड़ी तबीयत
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता राहुल क्रांति मंगलवार रात से आमरण अनशन पर बैठे थे। शुक्रवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इसके बाद प्रशासन ने एंबुलेंस के जरिए उन्हें रांची सदर अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है।
राहुल क्रांति ने अस्पताल ले जाने से पहले कहा था कि प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य जांच के लिए प्रशासन से डॉक्टर भेजने की मांग की थी, लेकिन सुबह लगभग 8:30 बजे तक कोई मेडिकल टीम प्रदर्शन स्थल नहीं पहुंची।
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Jharkhand Recruitment Exam Protest: छह लोग कर रहे हैं भूख हड़ताल
इस आंदोलन का नेतृत्व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं। वह पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
मंगलवार रात से पांच अन्य प्रदर्शनकारी, जिनमें दो महिला छात्राएं भी शामिल हैं, उनके साथ अनशन पर बैठ गईं। इस तरह कुल छह लोग भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आमरण अनशन कर रहे हैं।
भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आक्रोश
प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है और पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें हैं—
- भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया।
- योग्य अभ्यर्थियों को न्याय।
विधानसभा मार्च का ऐलान, आंदोलन और तेज
Jharkhand Recruitment Exam Protest शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच दो छात्र संगठनों ने घोषणा की कि वे राज्य विधानसभा, जहां मानसून सत्र चल रहा है, तक मार्च निकालेंगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोनम वांगचुक ने देवेंद्र नाथ महतो से की बात
बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने देवेंद्र नाथ महतो से फोन पर बातचीत की।
वांगचुक ने महतो से स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम से कम पानी पीने की अपील की। इसके बाद महतो ने पानी लेना शुरू कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी और मांगें पूरी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार कई दिनों से चल रहे अनशन के कारण प्रदर्शनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है। राहुल क्रांति के अस्पताल पहुंचने के बाद अन्य अनशनकारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच की मांग भी तेज हो गई है।
छात्र संगठनों का कहना है कि प्रशासन को प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच जल्द बातचीत नहीं होती, तो Jharkhand Recruitment Exam Protest और व्यापक रूप ले सकता है।
विधानसभा मार्च और लगातार जारी भूख हड़ताल के कारण सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर क्या कदम उठाती है।
Jharkhand Recruitment Exam Protest अब केवल भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्रों के विश्वास और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग का बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है। राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। यदि सरकार जल्द समाधान की दिशा में पहल नहीं करती, तो यह विरोध और व्यापक हो सकता है।
