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Chhattisgarh Vision 2047 की दिशा में औद्योगिक विकास

Chhattisgarh Vision 2047 के तहत छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में राज्य सरकार निवेश-अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दे रही है।

सरकार का लक्ष्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाना है। इसके साथ ही बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार को भी प्राथमिकता देने की तैयारी है।

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बड़े निवेश और रोजगार के नए अवसर

बीते ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ को 264 औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से करीब 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन परियोजनाओं से 1.72 लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है।

इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन या उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं। कई इकाइयों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला।

यह आंकड़े बताते हैं कि औद्योगिक नीतियों को जमीन पर उतारने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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Chhattisgarh Vision 2047 में नई औद्योगिक नीति

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने की अहम पहल माना जा रहा है। नीति के तहत विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान बताया गया है।

एमएसएमई और सेवा क्षेत्र के लिए विशेष लाभ के साथ टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया गया है।

नई नीति में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले प्रावधानों को भी महत्व दिया गया है। इससे औद्योगिक निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने की उम्मीद है।

टेक्सटाइल और आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा

25 जून 2026 को टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया गया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है।

इस इकाई से करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क भी विकसित किया जा रहा है। करीब 81 एकड़ क्षेत्र में बनाए जा रहे इस पार्क में टेक्सटाइल, गारमेंट, परिधान और तकनीकी वस्त्र से जुड़े उद्योगों के लिए अलग-अलग आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

Chhattisgarh Vision 2047 में नए सेक्टरों पर फोकस

राज्य में निवेश केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

नवा रायपुर में देश के पहले एआई डेटा सेंटर एसईजेड और सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी पहलें भी इसी औद्योगिक विस्तार का हिस्सा हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर

सरकार ने निवेशकों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता देने की बात कही है। इसके तहत 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम, एआई आधारित वाणी प्रणाली और 500 से अधिक प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख किया गया है।

औद्योगिक गतिविधियों को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने के लिए 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए हैं। इसके अलावा 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

सरोरा में प्लास्टिक पार्क और नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा तथा रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसी परियोजनाओं से राज्य का औद्योगिक आधार और व्यापक बनाने का प्रयास है।

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स्थानीय युवाओं को उद्यमी बनाने की तैयारी

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के अनुसार, सरकार का लक्ष्य निवेश को तेजी से जमीन पर उतारने के साथ अधिक से अधिक रोजगार पैदा करना है। इसके लिए निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास और इंटर्नशिप जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।

एमएसएमई को मजबूत करने के साथ बस्तर और सरगुजा में औद्योगिक विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।

2047 तक आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

Chhattisgarh Vision 2047 का औद्योगिक अभियान निवेश और उत्पादन बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास है। औद्योगिक परियोजनाओं, रोजगार, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

आधिकारिक सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का आधिकारिक पोर्टल और छत्तीसगढ़ उद्योग विभाग देखा जा सकता है।

Chhattisgarh Vision 2047 के तहत राज्य औद्योगिक विकास को रोजगार, निवेश और नवाचार से जोड़कर आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ रहा है। 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, हजारों नई औद्योगिक इकाइयों और रोजगार के संभावित अवसरों से प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव की तस्वीर सामने आती है। टेक्सटाइल, एआई, सेमीकंडक्टर, फार्मा और आईटी जैसे नए क्षेत्रों पर जोर छत्तीसगढ़ को भविष्य के औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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