Illegal Murum Mining को लेकर दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के ग्राम ढौर में एक नया मामला सामने आया है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक जेसीबी और दो हाईवा वाहनों को जब्त किया गया है। स्थानीय लोगों ने बिना अनुमति मुरूम उत्खनन और परिवहन किए जाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Illegal Murum Mining को लेकर क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार ग्राम ढौर के मुख्य मार्ग से लगे एक खेत में मुरूम का उत्खनन किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्य बिना वैध अनुमति के किया जा रहा था और उत्खनन की गई मुरूम को हाईवा वाहनों के माध्यम से परिवहन किया जा रहा था।
क्षेत्र के कुछ लोगों ने दावा किया है कि जिन वाहनों का उपयोग किया जा रहा था, वे स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठान से जुड़े बताए जा रहे हैं। हालांकि इस संबंध में संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Illegal Murum Mining पर प्रशासन की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद पाटन ब्लॉक के नायब तहसीलदार मनोज रस्तोगी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर एक जेसीबी और दो हाईवा वाहनों को जब्त कर थाना उतई के सुपुर्द कर दिया।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद संबंधित विभाग आगे क्या कानूनी कार्रवाई करता है और यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाती है या नहीं।
स्थानीय लोगों ने उठाए कई सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से मुरूम उत्खनन की गतिविधियां देखी जा रही हैं। उनका आरोप है कि लगातार खनन से खेतों की संरचना प्रभावित हो रही है और कई स्थानों पर खुले मैदान खदानों में बदलते जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि खनन अवैध पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और शासन को हुए संभावित राजस्व नुकसान की भरपाई कराई जाए।
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Illegal Murum Mining से राजस्व और पर्यावरण पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार बिना अनुमति खनिज उत्खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है बल्कि पर्यावरण और कृषि भूमि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
यदि किसी स्थान पर वैध अनुमति और रॉयल्टी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता है, तो यह खनिज नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। ऐसे मामलों में जांच के बाद संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
पूर्व में भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पहले भी आसपास के इलाकों में मुरूम खनन से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
- जब्त वाहनों की वैधानिक जांच की जाए।
- यदि अवैध खनन सिद्ध होता है तो नियमानुसार जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाए।
- शासन को हुए संभावित राजस्व नुकसान का आकलन कर वसूली की जाए।
- संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की जाए।
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Illegal Murum Mining को लेकर सामने आए इस मामले में प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी और दो हाईवा वाहनों को जब्त किया है। अब सभी की नजर आगे होने वाली जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
