National Handloom Day के अवसर पर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय बुनकर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में शामिल होकर बुनकरों, हस्तशिल्पियों, रेशम कृषकों और माटी शिल्पियों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।
प्रदेशभर से आए बुनकर, हस्तशिल्पी और शिल्पकार इस आयोजन में भाग लेंगे। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक हथकरघा उद्योग को आधुनिक बाजार से जोड़ना और कारीगरों की आय बढ़ाना है।
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National Handloom Day पर लॉन्च होगा ‘कोशल फेब’ प्रीमियम ब्रांड
National Handloom Day के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ कई नई पहल शुरू करेगा। इनमें सबसे प्रमुख नए प्रीमियम ब्रांड ‘कोशल फेब’ (Koshal Fab) का शुभारंभ है।
इसके साथ ही ‘बिलासा’ लोगो का अनावरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का शुभारंभ, पुरस्कृत बुनकरों की डायरेक्टरी तथा टाई-डाई और बांधनी रंगाई पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया जाएगा।
इन पहलों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाना है।
National Handloom Day पर बुनकरों और विद्यार्थियों को मिलेगी करोड़ों की सहायता
सम्मेलन के दौरान ग्रामोद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में हितग्राहियों को आर्थिक सहायता और सामग्री वितरित की जाएगी।
मुख्य घोषणाएं इस प्रकार हैं—
- 935 मेधावी विद्यार्थियों को कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि।
- 17 वरिष्ठ बुनकरों को 1.87 लाख रुपये की सम्मान राशि।
- बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार और राजराजेश्वरी करुणा माता बुनकर पुरस्कार के तहत 8 बुनकरों को 1-1 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र।
- 49 बुनकरों को आवास निर्माण के लिए 1.225 करोड़ रुपये (122.50 लाख) की सहायता।
- 5 बुनकर समितियों को भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये।
- 85 बुनकरों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 14.92 लाख रुपये।
इसके अलावा रेशम कृषकों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि, माटी शिल्पियों को विद्युत चाक, हस्तशिल्पियों को टूल-किट तथा जशपुर जिले के ग्राम गोरिया में 2.86 करोड़ रुपये की लागत से ग्लेजिंग यूनिट की स्वीकृति भी दी जाएगी।
National Handloom Day पर बुनकर नेत्र परीक्षण और अन्य सुविधाएं
कार्यक्रम के दौरान बुनकर नेत्र परीक्षण अभियान भी चलाया जाएगा। पात्र बुनकरों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए जाएंगे, जिससे उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य दोनों में सुधार हो सके।
सरकार का कहना है कि बुनकरों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक से भी जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कोसा सिल्क और हैंडवुवन कॉटन का दिखेगा शानदार फैशन शो
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष फैशन शो होगा।
इस फैशन शो में कोसा सिल्क और हैंडवुवन कॉटन से तैयार परिधानों का प्रदर्शन किया जाएगा। खास बात यह है कि इसमें बस्तर की युवा प्रतिभागी भी हिस्सा लेंगी।
पेशेवर मॉडलों के साथ मिस इंडिया अर्थ 2026 अनुष्का सोने भी रैंप पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधानों का प्रदर्शन करेंगी। इससे स्थानीय वस्त्रों और हथकरघा उत्पादों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
राज्य सरकार का उद्देश्य हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़कर बुनकरों की आय बढ़ाना है। National Handloom Day के अवसर पर शुरू की जा रही नई योजनाएं प्रदेश के हजारों बुनकर परिवारों के लिए रोजगार और आर्थिक मजबूती का नया अवसर बन सकती हैं।
National Handloom Day पर आयोजित यह राज्य स्तरीय बुनकर सम्मेलन छत्तीसगढ़ के हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। ‘कोशल फेब’ ब्रांड की शुरुआत, करोड़ों रुपये की सहायता, आधुनिक सुविधाएं और पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान दिलाने की पहल प्रदेश के बुनकरों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। सरकार की यह पहल स्थानीय कला, संस्कृति और स्वरोजगार को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
