Raipur से पहुंची सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड ने कोरिया जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ लगातार दूसरे दिन व्यापक और कड़ी कार्रवाई की।
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया और अवैध खनन स्थलों को चिन्हित कर उन्हें ब्लास्टिंग द्वारा स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए।
कोरिया जिले के इन इलाकों में लंबे समय से अवैध कोयला खनन की गतिविधियां चल रही थीं। अब Raipur की विशेष टीम के हस्तक्षेप से इन गतिविधियों पर लगाम लगाने की कोशिश तेज हो गई है।
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शनिवार को पहले दिन का अभियान – 6 टन कोयला जब्त
इस कार्रवाई की शुरुआत शनिवार को हुई जब जिला स्तर पर गठित संयुक्त टास्क फोर्स ने पटना तहसील अंतर्गत देवखोल जंगल में सघन अभियान चलाया।
इस अभियान में खनिज, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने मिलकर पूरे क्षेत्र का जायजा लिया।
पहले दिन की कार्रवाई में 6 टन से अधिक कोयला जब्त किया गया और कई अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया गया, जो लंबे समय से कोयला निकालने के लिए उपयोग में लाई जा रही थीं।
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150 सुरंगों के अंदर घुसकर की गई कार्रवाई
इस अभियान की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि टीम ने करीब 150 लंबी सुरंगों के भीतर प्रवेश कर अवैध खनन का पर्दाफाश किया।
इन सुरंगों में न केवल कोयला बरामद किया गया, बल्कि खनन में उपयोग होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए।
जब्त किए गए उपकरणों की सूची
अधिकारियों ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की:
- फावड़ा और गेती (खुदाई के औजार)
- विद्युत पंप (पानी निकालने के लिए)
- फुटबॉल पाइप (वायु आपूर्ति हेतु)
- बड़ी मात्रा में बिजली के तार
यह सामग्री इस बात का प्रमाण है कि यहाँ संगठित और व्यवस्थित तरीके से अवैध खनन की जा रही थी।
रविवार को Raipur टीम का निरीक्षण और ब्लास्टिंग के आदेश
Raipur से आई सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने रविवार को देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया।
टीम ने बताया कि निरीक्षण के समय मौके पर कोई कोयला या खनन सामग्री नहीं मिली, लेकिन इस बात के पर्याप्त सबूत मिले कि पूर्व में यहाँ बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित होती रही हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों को ब्लास्टिंग कर स्थायी रूप से बंद किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो सके।
किन-किन जिलों के अधिकारी रहे मौजूद?
रविवार की इस संयुक्त कार्रवाई में कोरिया जिले के अलावा कई अन्य जिलों के अधिकारी भी शामिल हुए। यह इस अभियान की व्यापकता और गंभीरता को दर्शाता है।
उपस्थित अधिकारियों के जिले:
| जिला | विभाग |
|---|---|
| कोरिया | खनिज, वन, राजस्व, पुलिस |
| सूरजपुर | खनिज अधिकारी |
| मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | खनिज अधिकारी |
| गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही | खनिज अधिकारी |
SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के समन्वय से भी इन क्षेत्रों की निगरानी और सख्त की जाएगी।
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Raipur से आई टीम ने क्या-क्या जब्त किया?
Raipur की सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड और संयुक्त टास्क फोर्स द्वारा दो दिनों की कार्रवाई का सारांश इस प्रकार है:
पहले दिन (शनिवार):
- 6 टन से अधिक कोयला जब्त
- कई अवैध सुरंगें ध्वस्त
- खनन उपकरण बरामद
दूसरे दिन (रविवार):
- देवखोल और भालूमाड़ा का निरीक्षण
- अवैध स्थलों का चिन्हांकन
- ब्लास्टिंग के निर्देश जारी
भविष्य में और सख्त होगा अभियान
ब्लास्टिंग से होगी स्थायी सील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चिन्हित अवैध खनन स्थलों को ब्लास्टिंग द्वारा इस तरह बंद किया जाएगा कि वहाँ दोबारा खनन संभव न हो।
यह कदम केवल एक अस्थायी रोक नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में उठाया गया निर्णायक कदम है।
SECL और वन विभाग की बढ़ेगी भूमिका
वन एवं खनिज विभाग के साथ-साथ SECL के समन्वय से इन क्षेत्रों में निगरानी और कड़ी की जाएगी।
Raipur मुख्यालय से नियमित संयुक्त अभियान जारी रखने की बात कही गई है। इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस तरह के अभियानों को और तेज और व्यापक किया जाएगा।
कोरिया जिले में Raipur की सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ प्रशासन की उस दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है जो अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
150 सुरंगें ध्वस्त करना, 6 टन कोयला जब्त करना और ब्लास्टिंग के आदेश – ये सब मिलकर यह संदेश देते हैं कि अब अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Raipur से संचालित यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कोरिया और आसपास के जिलों में अवैध कोयला खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग जाती। यह कार्रवाई न केवल पर्यावरण की रक्षा करती है बल्कि सरकारी राजस्व की चोरी को भी रोकती है।
