Chhattisgarh LPG Supply को लेकर बुधवार को राज्य सरकार ने अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में दावा किया गया कि प्रदेश में रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि दूसरी ओर कई जिलों से गैस बुकिंग में देरी, सर्वर समस्या और सप्लाई में रुकावट की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इसी विरोधाभास ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। सरकार एक तरफ आश्वस्त कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Chhattisgarh LPG Supply: सरकार ने कहा स्टॉक पर्याप्त, फिर भी बढ़ी शिकायतें
Chhattisgarh LPG Supply की स्थिति की समीक्षा बुधवार को खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता में हुई बैठक में की गई। इस बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने गैस, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता पर जानकारी दी।
सरकार के अनुसार छत्तीसगढ़ में मौजूद पांचों एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में पर्याप्त स्टॉक है। घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-3663 भी जारी की गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही दिए जा रहे हैं। हालांकि सचिव कंगाले ने निर्देश दिया कि स्कूलों और हॉस्टलों में परीक्षा के समय गैस सप्लाई बाधित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर लगभग 15 प्रतिशत कमर्शियल गैस सप्लाई होटल और अन्य संस्थानों को दी जा सकती है।
सरकार ने जिला प्रशासन को घरेलू गैस के दुरुपयोग और अवैध रीफिलिंग पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यदि ब्लैक मार्केटिंग पाई जाती है तो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं:
https://www.mopng.gov.in

कई जिलों से बुकिंग और सप्लाई में परेशानी
हालांकि Chhattisgarh LPG Supply को लेकर सरकार ने स्थिति सामान्य बताई है, लेकिन कई जिलों में उपभोक्ताओं की परेशानी सामने आई है।
बिलासपुर में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार जिले में लगभग 4.8 लाख घरेलू गैस कनेक्शन हैं और 38 डिस्ट्रीब्यूटर सप्लाई कर रहे हैं। पिछले दस दिनों में प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए गए हैं।
हालांकि बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। इसी बीच प्रशासन ने अवैध गैस रीफिलिंग पर कार्रवाई करते हुए सकरंडा क्षेत्र की एक दुकान से 75 सिलेंडर जब्त किए।
दुर्ग जिले में भी करीब 4 लाख गैस कनेक्शन हैं और प्रतिदिन लगभग 9,750 रिफिल हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यहां गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है।
सूरजपुर और सरगुजा में होटल संचालकों ने कहा कि कमर्शियल गैस की कमी के कारण कुछ होटल अस्थायी रूप से लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Key Facts
- छत्तीसगढ़ के पांचों एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में पर्याप्त गैस स्टॉक होने का दावा
- घरेलू गैस से जुड़ी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी
- बिलासपुर में अवैध गैस रीफिलिंग पर कार्रवाई, 75 सिलेंडर जब्त
- कई जिलों में बुकिंग अंतराल 21 से बढ़कर 25 दिन हुआ
- कमर्शियल गैस फिलहाल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता
होटल और उपभोक्ताओं की बढ़ी चिंता
Chhattisgarh LPG Supply को लेकर सबसे ज्यादा चिंता होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर में दिखाई दे रही है। अंबिकापुर के होटल संचालकों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से किचन संचालन प्रभावित हो रहा है।
कुछ होटल संचालकों ने बताया कि उन्होंने अस्थायी रूप से लकड़ी के चूल्हे का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इससे काम तो चल रहा है, लेकिन लागत और समय दोनों बढ़ गए हैं।
छत्तीसगढ़ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को सलाह दी है कि घबराकर गैस का स्टॉक न करें। साथ ही इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरण, पीएनजी गैस या हाइब्रिड किचन सिस्टम जैसे विकल्पों पर विचार करने को कहा गया है।
उधर कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि सर्वर समस्या के कारण गैस बुकिंग और ओटीपी जनरेशन में दिक्कत आ रही है। इससे लोगों को एजेंसियों के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कुल मिलाकर Chhattisgarh LPG Supply को लेकर सरकार का दावा है कि प्रदेश में गैस, डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। फिर भी कई जिलों से आ रही शिकायतें यह दिखाती हैं कि वितरण प्रणाली में कुछ चुनौतियां मौजूद हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ब्लैक मार्केटिंग या अवैध गैस रीफिलिंग पर कड़ी कार्रवाई होगी। आने वाले दिनों में यदि सप्लाई और बुकिंग व्यवस्था सुधरती है, तो Chhattisgarh LPG Supply को लेकर लोगों की चिंता भी कम हो सकती है।
अधिक जानकारी के लिए ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट देखें:
https://petroleum.nic.in
