Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार लगातार श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। राज्य सरकार का दावा है कि पिछले 2 साल 4 महीने में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 800 करोड़ रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है। श्रम विभाग के तीनों मंडलों के जरिए योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
यह भी पढ़ें: International Workers’ Day पर श्रमिकों को मिली बड़ी सौगात
Vishnu Deo Sai सरकार की योजनाओं से श्रमिकों को लाभ
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इन योजनाओं के जरिए श्रमिकों को आर्थिक सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार का कहना है कि इससे मजदूर परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
मजदूरों के बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर
इस वर्ष अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत श्रमिकों के 200 बच्चों को प्रदेश के उत्कृष्ट निजी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि शिक्षा के जरिए मजदूर परिवारों के बच्चों का भविष्य बदला जा सकता है।
मजदूर दिवस क्यों मनाया जाता है
1 मई को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए जागरूकता बढ़ाना है।
यह दिवस 1886 में शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में 8 घंटे कार्य दिवस की मांग को लेकर हुए आंदोलन की याद में मनाया जाता है।
भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत
भारत में मजदूर दिवस पहली बार 1923 में चेन्नई में मनाया गया था। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने श्रमिकों के कार्य घंटे 12 से घटाकर 8 घंटे करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने महिलाओं के लिए प्रसूति अवकाश जैसी सुविधाओं की शुरुआत भी करवाई थी।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Vishnu Deo Sai सरकार की प्रमुख श्रमिक योजनाएं
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है।
इनमें मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, नोनी बाबू मेधावी शिक्षा योजना और श्रमिक आवास सहायता योजना प्रमुख हैं।
मजदूर का बच्चा अब मजदूर नहीं रहेगा
श्रम मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि मजदूर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और अवसर मिलें ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “हर हाथ को काम” सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में रोजगार और श्रमिक कल्याण पर काम किया जा रहा है।
5 रुपये में भरपेट भोजन की सुविधा
Vishnu Deo Sai सरकार की शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत प्रदेश में 38 भोजन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
इन केंद्रों में श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में गरम भोजन, दाल, चावल, सब्जी और अचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
सभी जिलों में होगा योजना का विस्तार
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना को सभी जिलों तक विस्तारित करने का फैसला लिया है।
इसके अलावा श्रमिक आवास सहायता राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है। ई-रिक्शा सहायता राशि भी बढ़ाने की तैयारी है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
33 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत
राज्य में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के तहत अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है।
मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं और 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित किए गए हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी फोकस
औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के लिए 76 करोड़ 38 लाख रुपये का बजट रखा गया है, जिससे श्रमिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
Vishnu Deo Sai सरकार की श्रमिक हितैषी योजनाएं छत्तीसगढ़ में मजदूरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही हैं। 800 करोड़ रुपये की DBT सहायता, 5 रुपये भोजन योजना, शिक्षा और आवास जैसी सुविधाएं श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं। सरकार की ये पहल आने वाले समय में श्रमिक परिवारों के भविष्य को नई दिशा दे सकती हैं।
