Iran Gulf Conflict: 5 बड़े हमले, खाड़ी में बढ़ा तनाव

Iran Gulf Conflict ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को अचानक बढ़ा दिया है। संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने में लगी है। वहीं सऊदी अरब ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उसने साफ कहा कि अगर हमले जारी रहे तो इसका सबसे बड़ा नुकसान खुद ईरान को होगा। इसी बीच यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई। हालात इतने गंभीर हैं कि अमेरिका ने सऊदी अरब से अपने दूतावास कर्मचारियों को हटाने का आदेश भी दे दिया है।


Iran Gulf Conflict: यूएई और सऊदी पर मिसाइल-ड्रोन हमले

Iran Gulf Conflict के बीच खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है।

रिपोर्टों के अनुसार हाल के दिनों में खाड़ी के कई देशों को निशाना बनाया गया है। ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसी कारण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने खाड़ी देशों पर हुए हमलों और क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की।

इसी बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा फैसला लिया। अमेरिकी विदेश विभाग ने गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने यात्रा सलाह में कहा कि सुरक्षा जोखिम बढ़ गए हैं। इसलिए अमेरिकी नागरिकों को सऊदी अरब की यात्रा पर पुनर्विचार करना चाहिए।

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युद्ध का बढ़ता दायरा

Iran Gulf Conflict का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। ईरान ने हाल में अपने तेल-समृद्ध खाड़ी पड़ोसियों पर जवाबी हमले किए हैं। यह कदम अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों के बाद उठाया गया बताया जा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार कुवैत में स्थित अमेरिकी दूतावास को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर भी हमले की कोशिश हुई।

इसी बीच ईरान की राजनीति में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया। ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार मोजतबा खामेनेई को नए सर्वोच्च नेता के रूप में नामित किया गया है। वह दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के पुत्र हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का असर क्षेत्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

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Key Facts

  • यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया
  • अमेरिका ने सऊदी अरब से दूतावास कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया
  • खाड़ी क्षेत्र में कई देशों को ईरानी हमलों का खतरा
  • तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची
  • जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भारी गिरावट

लोगों की प्रतिक्रियाएं

Iran Gulf Conflict का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। जैसे ही ईरान ने खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए, अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल आया।

कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। यह स्तर रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार देखा गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल कीमतों में बढ़ोतरी को ज्यादा गंभीर नहीं बताया। उन्होंने कहा कि अगर इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम का खतरा खत्म होता है तो यह “छोटी कीमत” है।

हालांकि एशियाई बाजारों पर इसका असर तुरंत दिखाई दिया। जापान और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा चला तो ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।


Iran Gulf Conflict ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता को और गहरा कर दिया है। यूएई और सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों ने क्षेत्र की सुरक्षा को चुनौती दी है। वहीं अमेरिका के कदम और तेल कीमतों में उछाल ने इस संकट को वैश्विक मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कूटनीतिक प्रयास इस तनाव को कम कर पाते हैं या Iran Gulf Conflict और गंभीर रूप ले लेता है।

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