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कलेक्टर ने ली कॉलेज एवं आईटीआई के प्राचार्यों की बैठक : कहा उत्कृष्ट संस्थान के रूप में करें विको

कोण्डागांव (छत्तीसगढ़)। कलेक्टर दीपक सोनी ने विगत दिवस जिले के कॉलेज एवं आईटीआई के प्राचार्यों की बैठक लेकर उक्त संस्थाओं में फेकल्टी, अन्य मानव संसाधन सहित आवश्यक सुविधाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी ली तथा प्राचार्यों को अपने संस्थाओं को उत्कृष्ट संस्थान के रूप में विकसित करने कहा।

उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि संस्थाओं में आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर पहल किये जाने कोशिश करेंगे और नितांत आवश्यक व्यवस्थाओं को स्थानीय प्रशासन द्वारा भी सुनिश्चित करने प्रयास किया जायेगा। लेकिन संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक परिवेश निर्मित करने के साथ ही छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और उनके समग्र व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करने की जिम्मेदारी प्राचार्यों की है। इसे संस्था प्रमुख होने के नाते पूरी तरह सुनिश्चित करें। अपना विजन के अनुरूप संस्था को उत्कृष्ट बनाने योगदान निभाएं ताकि देश के भावी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने सहित उन्हे समग्र व्यक्तित्व विकास में मदद मिल सके।

कलेक्टर सोनी ने कॉलेज और आईटीआई के भवनों सहित प्रयोगशाला, लाईब्रेरी, पेयजल, बिजली की व्यवस्था तथा कम्प्यूटर, उपकरणों इत्यादि की उपलब्धता के सम्बंध में जानकारी ली और जिले के नवीन कॉलेज विश्रामपुरी एवं माकड़ी के लिए भवन निर्माण हेतु भूमि का आबंटन त्वरित कराये जाने सहित भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित किये जाने के निर्देश दिये। वहीं आदर्श कन्या आवासीय महाविद्यालय कोण्डागांव के भवन में कॉलेज को अतिशीघ्र शिफ्ट करने कहा। इस कॉलेज में आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था शीघ्र करने आश्वस्त किया।

उन्होने विश्रामपुरी आईटीआई का व्हीटीपी पंजीयन शीघ्र करने के निर्देश देते हुए कहा कि पंजीयन उपरांत इस संस्था में युवाओं को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जायेगा। बैठक में पॉलटेक्नीक कॉलेज कोण्डागांव के भवन को शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये गये। वहीं मर्दापाल एवं फरसगांव आईटीआई भवन निर्माण को शीघ्र पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये। बैठक के दौरान डिप्टी कलेक्टर अंकित चौहान, जिला रोजगार अधिकारी श्री पवन नेताम, प्राचार्य गुण्डाधूर पीजी कॉलेज कोण्डागांव डॉ0 सीआर पटेल सहित जिले के कॉलेज एवं आईटीआई के प्राचार्य मौजूद थे।