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Dalli Rajhara Raoghat Rail Project: रावघाट रेलखंड पर तकनीकी ट्रायल शुरू, बस्तर को मिलेगा विकास का नया इंजन

Dalli Rajhara Raoghat Rail Project ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली इस परियोजना के तहत रावघाट रेलखंड पर नियंत्रित गति और सीमित भार के साथ तकनीकी ट्रायल शुरू किया गया। इस परीक्षण में 58 वैगनों वाली मालगाड़ी का उपयोग किया गया।

रेल अधिकारियों के अनुसार यह ट्रायल आगामी दिनों में विभिन्न चरणों में जारी रहेगा। इसके माध्यम से रेल लाइन की संरचनात्मक मजबूती, परिचालन क्षमता और तकनीकी मानकों का परीक्षण किया जाएगा।

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Dalli Rajhara Raoghat Rail Project की बड़ी उपलब्धि

करीब 95 किलोमीटर लंबी Dalli Rajhara Raoghat Rail Project छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। यह परियोजना सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र और भारतीय रेलवे के संयुक्त प्रयासों से विकसित की जा रही है।

वर्ष 2008 में हुए समझौते (MoU) के बाद शुरू हुई यह परियोजना केवल लौह अयस्क परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का भी माध्यम बन रही है।

तकनीकी ट्रायल शुरू होने के साथ अब परियोजना अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ती नजर आ रही है।

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Dalli Rajhara Raoghat Rail Project में हुआ हजारों करोड़ का निवेश

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सेल द्वारा अब तक लगभग 1800 करोड़ रुपये रेल लाइन निर्माण पर खर्च किए जा चुके हैं।

इसके अतिरिक्त रावघाट परियोजना के समग्र विकास पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों से गुजरने वाली इस रेल लाइन का निर्माण कई चुनौतियों के बीच पूरा किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।


स्टेशन परिसर और सुरक्षा कार्य अंतिम चरण में

वर्तमान में रेल लाइन निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।

जुलाई 2026 तक पूरे होंगे शेष कार्य

रावघाट स्टेशन भवन, यात्री सुविधाएं, सिग्नलिंग और दूरसंचार (S&T) से जुड़े कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार जुलाई 2026 के अंत तक स्टेशन परिसर के सभी शेष कार्य पूरे होने की संभावना है।

इसके बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा निरीक्षण और सुरक्षा स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


Dalli Rajhara Raoghat Rail Project से बस्तर को क्या लाभ मिलेगा?

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का सकारात्मक प्रभाव पहले ही दिखाई देने लगा है।

वर्ष 2022 में दल्लीराजहरा से तरोकी तक यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर मिले हैं।

रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने से बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों की पहुंच राज्य और देश के प्रमुख शहरों तक और आसान हो जाएगी।

व्यापार और उद्योग को मिलेगा फायदा

रावघाट क्षेत्र लौह अयस्क के बड़े भंडार के लिए जाना जाता है। रेल संपर्क मजबूत होने से खनिज परिवहन तेज होगा और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।


यात्री ट्रेन संचालन का रास्ता होगा साफ

रेल अधिकारियों के अनुसार तकनीकी ट्रायल का उद्देश्य रेल लाइन की परिचालन तैयारियों का परीक्षण करना है।

विभिन्न गति और भार क्षमता पर सफल परीक्षण के बाद आवश्यक मंजूरियां प्राप्त की जाएंगी। इसके बाद CRS की स्वीकृति मिलने पर इस रेलखंड पर यात्री ट्रेन संचालन शुरू किया जा सकेगा।

बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। यात्री ट्रेन शुरू होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

Dalli Rajhara Raoghat Rail Project छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के विकास के लिए एक ऐतिहासिक परियोजना साबित हो रही है। रावघाट रेलखंड पर तकनीकी ट्रायल शुरू होना इस महत्वाकांक्षी योजना की बड़ी सफलता है। आने वाले समय में यात्री और माल परिवहन दोनों के लिए यह रेलमार्ग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, उद्योग, शिक्षा और रोजगार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। Dalli Rajhara Raoghat Rail Project का सफल संचालन बस्तर को विकास की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ने वाला कदम माना जा रहा है।

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