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Teeja Tihar मिलन समारोह में शामिल हुए CM साय

Teeja Tihar के उल्लास के बीच रविवार, 6 सितंबर 2026 को बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगा नजर आया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय यहां आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह में शामिल हुए और माताओं-बहनों को पर्व की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी बहनों के सुखी, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है, जिसमें महिलाओं का प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना जुड़ी हुई है।

सीएम साय ने कहा कि विवाहित बेटियों के तीजा पर्व पर मायके आने और परिवार के साथ त्योहार मनाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। ऐसे पर्व परिवार और समाज के रिश्तों को मजबूत करने के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखते हैं।

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Teeja Tihar पर महिलाओं के सशक्तीकरण की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सम्मान का सर्वोच्च स्थान मिला है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न पहलों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि यह आर्थिक सहायता महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए अधिक आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार में उनकी भूमिका को मजबूत कर रही है।

यह भी पढ़ें: रायपुर में Teeja-Pora Tihar का भव्य आयोजन

13.85 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब केवल सरकारी योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि विकास की सक्रिय भागीदार बन रही हैं। उनके अनुसार, राज्य में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अलग-अलग आजीविका गतिविधियों के जरिए परिवार की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं बदलते समय के साथ आधुनिक तकनीक को भी अपना रही हैं।

उन्होंने ड्रोन दीदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाएं ड्रोन तकनीक के जरिए स्वरोजगार से जुड़ रही हैं और प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इसके अलावा कुछ महिलाएं सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय और ई-रिक्शा संचालन जैसे कार्यों से भी आत्मनिर्भर बन रही हैं।

Teeja Tihar समारोह में दो बड़ी घोषणाएं

बहतराई स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रवासियों के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। पहली घोषणा बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने को लेकर रही।

दूसरी बड़ी घोषणा माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये देने की रही। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

बेलतरा महोत्सव के लिए ₹30 लाख

बेलतरा महोत्सव के आयोजन के लिए 30 लाख रुपये की घोषणा को क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना सभी की जिम्मेदारी है।

तीजा जैसे पारंपरिक पर्व और क्षेत्रीय महोत्सव स्थानीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विकसित छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है तथा यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस लक्ष्य को हासिल करने में मातृशक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार मजबूत होंगे और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा।

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तीजा हमारी संस्कृति और सामाजिक आत्मीयता का प्रतीक

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी तीजा को महिलाओं के जीवन में विशेष महत्व रखने वाला पर्व बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति से जुड़ा पर्व है। ऐसे आयोजन लोकपरंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।

बहतराई स्टेडियम में दिखा छत्तीसगढ़ी रंग

तीजा मिलन समारोह में पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में माताएं-बहनें शामिल हुईं। बहतराई स्टेडियम में झूले, मेहंदी और मनोरंजक गतिविधियों की विशेष व्यवस्था की गई थी।

भोजन और उपहार की व्यवस्था के साथ बच्चों के लिए भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। गीत-संगीत, पारंपरिक परिधान और उत्सवी माहौल ने पूरे आयोजन को खास बना दिया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित थे।

Teeja Tihar के अवसर पर बहतराई स्टेडियम में आयोजित यह समारोह छत्तीसगढ़ की संस्कृति, नारी शक्ति और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये देने और चोरहादेवरी का नाम रामदेवरी करने की घोषणा कार्यक्रम की प्रमुख सौगात रही। तीजा जैसे पर्व और सांस्कृतिक आयोजन प्रदेश की परंपराओं को सहेजने के साथ विकास में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित करते हैं।

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