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Mirzapur Movie Review: कैसी है फिल्म?

Mirzapur Movie Review की बात करें तो लंबे इंतजार के बाद मिर्जापुर फ्रेंचाइजी ने 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु और बाकी पुराने किरदारों की वापसी ने फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ा दी है। फिल्म में वही सत्ता, बदला, हिंसा, राजनीति और ‘भौकाल’ वाला अंदाज बड़े पर्दे पर दिखाई देता है।

फिल्म करीब 3 घंटे 17 मिनट लंबी है और हिंदी के साथ तेलुगु भाषा में भी रिलीज हुई है। कहानी मिर्जापुर की दुनिया में मौजूद एक ऐसे अध्याय को सामने लाती है, जिसे दर्शकों ने पहले नहीं देखा था।

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Mirzapur Movie Review में कहानी और भौकाल

फिल्म की कहानी मिर्जापुर की सत्ता और उसके आसपास चलने वाली साजिशों पर केंद्रित है। कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना के बीच पुरानी दुश्मनी के साथ नए टकराव कहानी को आगे बढ़ाते हैं।

फिल्म में रवि किशन की एंट्री भी कहानी में नया मोड़ लाती है। उनका किरदार मिर्जापुर की सत्ता के समीकरण को चुनौती देता है और संघर्ष को और ज्यादा दिलचस्प बनाता है।

फिल्म की खास बात यह है कि मेकर्स ने वेब सीरीज की पहचान को बरकरार रखते हुए कहानी को बड़े पर्दे के हिसाब से ज्यादा सिनेमाई बनाने की कोशिश की है।

एक्टिंग और किरदारों का दम

पंकज त्रिपाठी एक बार फिर कालीन भैया के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराते हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने भी उनकी परफॉर्मेंस को फिल्म की प्रमुख खूबियों में गिना है और माना है कि उनके किरदार की वापसी कहानी को नई ऊर्जा देती है।

अली फजल का गुड्डू पंडित वाला अंदाज भी फैंस को पसंद आ सकता है। वहीं दिव्येंदु की मुन्ना भैया के रूप में वापसी फिल्म की नॉस्टैल्जिया वैल्यू को काफी बढ़ाती है।

रवि किशन भी फिल्म में प्रभावशाली नजर आते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने उन्हें फिल्म का शो चुराने वाला कलाकार बताया है और फिल्म को 3/5 स्टार दिए हैं।

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एक्शन, डायलॉग और म्यूजिक

Mirzapur Movie Review में एक्शन और डायलॉग फिल्म के सबसे मजबूत पहलुओं में नजर आते हैं। मिर्जापुर की पहचान रहे देसी अंदाज, गालियां, हिंसा और दमदार डायलॉग्स को बड़े पर्दे पर ज्यादा बड़े स्तर पर पेश किया गया है।

इंडिया टुडे की समीक्षा के मुताबिक फिल्म में म्यूजिक, रैप ट्रैक और डायलॉग्स कहानी के माहौल को मजबूत करते हैं। क्लाइमैक्स को भी फिल्म के सबसे प्रभावशाली हिस्सों में शामिल किया गया है।

जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाकों में फिल्माए गए प्री-क्लाइमैक्स और क्लाइमैक्स को लेकर शुरुआती प्रतिक्रियाएं खास तौर पर सकारात्मक रही हैं। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने भी फिल्म को बड़े स्तर का ‘मास एंटरटेनर’ बताया है।

Mirzapur Movie Review: क्या कमजोर रहा?

फिल्म की सबसे बड़ी समस्या इसका लंबा रनटाइम बताई जा रही है। इंडिया टुडे ने माना कि सीरीज में काम करने वाला लंबा और कई किरदारों वाला नैरेटिव बड़े पर्दे पर कुछ जगह जरूरत से ज्यादा खिंचा हुआ महसूस होता है।

इंडियन एक्सप्रेस ने भी फिल्म को 3/5 स्टार देते हुए इसे ‘ओवरलॉन्ग लेकिन एंटरटेनिंग’ बताया है। समीक्षा के मुताबिक फिल्म की कुछ कमजोरियों को तेज घटनाक्रम और दिलचस्प क्लाइमैक्स संभाल लेते हैं।

NDTV की समीक्षा इससे ज्यादा आलोचनात्मक रही और फिल्म को 2.5/5 स्टार मिले। इसके मुताबिक फिल्म में एक्शन और नए मोड़ हैं, लेकिन कहानी को तीन घंटे से ज्यादा लंबा करने के लिए कुछ हिस्से जोड़े हुए महसूस हो सकते हैं।

क्रिटिक्स ने कितने दिए स्टार?

शुरुआती समीक्षाओं में फिल्म को लेकर राय पूरी तरह एक जैसी नहीं है। बॉलीवुड हंगामा ने इसे 4/5 स्टार देते हुए ‘पैसा वसूल’ बड़े पर्दे का एंटरटेनर बताया। वहीं हिंदुस्तान टाइम्स ने भी 4 स्टार दिए।

दूसरी ओर टाइम्स ऑफ इंडिया ने 3/5 और NDTV ने 2.5/5 स्टार दिए हैं। इससे साफ है कि फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसका फैन सर्विस, कलाकार और मास एंटरटेनमेंट है, जबकि लंबाई कुछ दर्शकों के लिए समस्या बन सकती है।

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क्या फिल्म देखने जाएं?

अगर आप मिर्जापुर वेब सीरीज के पुराने फैन हैं और कालीन भैया, गुड्डू और मुन्ना की दुनिया को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं, तो फिल्म आपके लिए मनोरंजक हो सकती है।

लेकिन अगर आपको छोटी और तेजी से आगे बढ़ने वाली फिल्में पसंद हैं, तो 3 घंटे से ज्यादा का रनटाइम आपको परेशान कर सकता है। फिल्म का असली मजा उन दर्शकों को मिलने की संभावना है जो फ्रेंचाइजी के किरदारों और उसके देसी ‘भौकाल’ से पहले से जुड़े हुए हैं।

कुल मिलाकर Mirzapur Movie Review से यही सामने आता है कि फिल्म अपने फैंस को वही पुराना मिर्जापुर वाला स्वाद बड़े पर्दे पर देने में काफी हद तक सफल रहती है। पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु और रवि किशन की मौजूदगी, दमदार डायलॉग, एक्शन और क्लाइमैक्स इसकी बड़ी खूबियां हैं।

हालांकि लंबा रनटाइम और कुछ जगह खिंची हुई कहानी इसकी कमजोरी है। अलग-अलग क्रिटिक्स की रेटिंग भी 2.5 से 4 स्टार के बीच है। इसलिए अगर आप मिर्जापुर के कट्टर फैन हैं, तो Mirzapur Movie Review का फैसला आपके लिए साफ है—भौकाल देखने के लिए थिएटर जाना बनता है, लेकिन लंबी फिल्म के लिए थोड़ा धैर्य जरूर रखना होगा।

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