School Quarterly Exam को लेकर छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में इस शैक्षणिक सत्र से बड़ा बदलाव लागू किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने कक्षा 1 से 12वीं तक की तिमाही (Quarterly) और अर्धवार्षिक (Half-Yearly) परीक्षाओं के लिए नई समय-सारणी और दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में ये परीक्षाएं एक ही तारीख पर आयोजित की जाएंगी।
अब तक अलग-अलग जिलों में स्थानीय स्तर पर अलग-अलग तिथियों में परीक्षाएं आयोजित होती थीं, लेकिन नई व्यवस्था के तहत पूरे प्रदेश में एक समान परीक्षा प्रणाली लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता, पारदर्शिता और बेहतर शैक्षणिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
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School Quarterly Exam के लिए लागू हुई नई परीक्षा व्यवस्था
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक जिले में परीक्षा संचालन के लिए जिला स्तरीय परीक्षा समिति का गठन किया जाएगा।
यह समिति विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की सहायता से गोपनीय प्रश्नपत्र तैयार कराएगी तथा परीक्षा शुरू होने से दो दिन पहले प्रश्नपत्र विकासखंड और संकुल स्तर तक उपलब्ध कराएगी।
नई व्यवस्था से सभी जिलों में एक समान परीक्षा प्रक्रिया लागू होगी और प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पूरे प्रदेश में एक समान तिथि पर होगी परीक्षा
नई व्यवस्था के तहत कक्षा पहली से बारहवीं तक की तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाएं पूरे छत्तीसगढ़ में एक ही दिन शुरू होंगी।
इससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन में समानता आएगी और परीक्षा संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि एकीकृत परीक्षा प्रणाली से प्रशासनिक समन्वय भी बेहतर होगा।
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School Quarterly Exam के लिए जिला परीक्षा समिति की जिम्मेदारी
DPI के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति में—
- सहायक संचालक (प्रशासन)
- वरिष्ठ प्राचार्य
- विकासखंड शिक्षा अधिकारी
- संकुल समन्वयक
- प्रधान पाठक
को सदस्य बनाया जाएगा।
समिति के प्रमुख कार्य
जिला परीक्षा समिति की जिम्मेदारियां होंगी—
- निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार कराना।
- प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
- परीक्षा से दो दिन पहले प्रश्नपत्र वितरित करना।
- उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराना।
- प्राप्तांक एवं परीक्षा रिकॉर्ड का सुरक्षित संधारण करना।
प्रश्नपत्र छपाई को लेकर भी चर्चा
School Quarterly Exam की नई व्यवस्था के बीच प्रश्नपत्रों की छपाई को लेकर भी चर्चा तेज है।
सूत्रों के अनुसार इस बार सभी जिलों के प्रश्नपत्रों की छपाई एक ही फर्म से कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत पुष्टि का इंतजार है।
पिछले शिक्षा सत्र में भी इसी फर्म द्वारा कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षाओं सहित अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र और अंकसूचियों का कार्य किया गया था।
पिछले वर्ष अंकसूची में आई थीं गड़बड़ियां
बीते शैक्षणिक सत्र में कई विद्यार्थियों की अंकसूचियों में त्रुटियों की शिकायतें सामने आई थीं। कुछ मामलों में सुधार की प्रक्रिया लंबी चली थी।
ऐसे में इस वर्ष नई परीक्षा व्यवस्था के साथ प्रश्नपत्र और मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद की जा रही है।
नई व्यवस्था से क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि पूरे प्रदेश में एक साथ परीक्षा आयोजित होने से—
- परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।
- प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता में एकरूपता आएगी।
- मूल्यांकन प्रक्रिया बेहतर होगी।
- विद्यार्थियों के प्रदर्शन का तुलनात्मक विश्लेषण आसान होगा।
- प्रशासनिक निगरानी मजबूत होगी।
School Quarterly Exam के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था सरकारी स्कूलों की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। कक्षा 1 से 12वीं तक तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाओं को पूरे प्रदेश में एक समान तिथि पर आयोजित करने से पारदर्शिता, गुणवत्ता और बेहतर समन्वय की उम्मीद है। यदि जिला परीक्षा समितियां निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करती हैं, तो School Quarterly Exam व्यवस्था विद्यार्थियों और शिक्षा प्रणाली दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
