दुर्ग। Rupesh Pandey Suspension मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। दुर्ग जनपद पंचायत के निलंबित मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रूपेश कुमार पांडेय की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद भाजपा ने उनकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं रूपेश पांडेय ने इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट बताते हुए सभी राजनीतिक आरोपों को खारिज किया है।
मामले को लेकर जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस देखने को मिल रही है।
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Rupesh Pandey Suspension के बाद भूपेश बघेल से मुलाकात पर विवाद
निलंबन के बाद सोमवार को रूपेश कुमार पांडेय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।
भाजपा का कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी को पूरी तरह निष्पक्ष रहना चाहिए और इस तरह की मुलाकातें कई सवाल खड़े करती हैं।
हालांकि रूपेश पांडेय ने साफ कहा है कि इस मुलाकात का किसी राजनीतिक गतिविधि या राजनीतिक समर्थन से कोई संबंध नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
Rupesh Pandey Suspension पर भाजपा का हमला
भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर निलंबित CEO और भूपेश बघेल की मुलाकात का वीडियो साझा किया।
पोस्ट में उन्होंने लिखा कि यह मुलाकात साबित करती है कि रूपेश पांडेय निष्पक्ष नहीं थे।
अमित चिमनानी ने कहा कि किसी विचारधारा से व्यक्तिगत रूप से जुड़ना गलत नहीं है, लेकिन उसका असर प्रशासनिक कार्यों पर नहीं दिखना चाहिए।
उनका कहना है कि सभी अधिकारियों को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए।
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निलंबित CEO बोले- यह सिर्फ सामान्य मुलाकात थी
विवाद बढ़ने के बाद रूपेश पांडेय ने मीडिया से बातचीत में अपनी स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि वे पहले पाटन जनपद पंचायत में CEO रह चुके हैं और उसी दौरान उनका भूपेश बघेल से परिचय हुआ था।
उनके अनुसार भूपेश बघेल दुर्ग आए हुए थे, इसलिए उन्होंने केवल शिष्टाचार मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से देखना उचित नहीं है।
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Rupesh Pandey Suspension पर हाईकोर्ट जाने की तैयारी
निलंबन को बताया एकपक्षीय कार्रवाई
रूपेश पांडेय ने कहा कि उन्हें लंबे समय से निशाना बनाया जा रहा था।
उनका दावा है कि विवाद के दौरान उन्होंने केवल “तमीज से बात करिए” कहा था, जिसके बाद पूरा मामला बढ़ गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि संभागायुक्त द्वारा की गई कार्रवाई एकपक्षीय है और उनका पक्ष पर्याप्त रूप से नहीं सुना गया।
पांडेय ने कहा कि वे पहले मुख्य सचिव के समक्ष अपील करेंगे और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
भाजपा नेता और उनकी पत्नी पर लगाए आरोप
वसूली मामलों का किया जिक्र
रूपेश पांडेय ने भाजपा नेता पुराण देशमुख और उनकी पत्नी से जुड़े पुराने मामलों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने दावा किया कि पुराण देशमुख की पत्नी, जो वर्ष 2015 से 2020 तक सरपंच थीं, उनके खिलाफ 2 लाख 40 हजार 105 रुपये की वसूली का मामला लंबित है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि स्वयं पुराण देशमुख के खिलाफ भी 75 हजार रुपये की वसूली से संबंधित प्रकरण लंबित है।
हालांकि इन दावों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सामुदायिक भवन विवाद पर CEO का पक्ष
रूपेश पांडेय ने कहा कि जिस सामुदायिक भवन को लेकर विवाद खड़ा किया गया, उस पर प्रभावी स्टे नहीं था।
उनके अनुसार नायब तहसीलदार की अदालत ने जनवरी 2025 में स्टे हटा दिया था।
इसके बाद भवन निर्माण पूरा हुआ और नियमानुसार राशि जारी की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से उनके खिलाफ माहौल बनाया गया।
वायरल वीडियो को बताया अधूरा
निलंबित CEO ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को अधूरा बताया।
उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर केवल 7 सेकेंड का हिस्सा वायरल किया गया, जबकि पूरी रिकॉर्डिंग लगभग 55 सेकेंड की है।
उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो में केवल उनकी प्रतिक्रिया दिखाई गई है, जबकि उससे पहले की बातचीत को सार्वजनिक नहीं किया गया।
क्या है पूरा मामला?
सुशासन तिहार के तहत दुर्ग के थनौद में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया था।
शिविर के दौरान सामुदायिक भवन के लिए राशि जारी करने के मुद्दे पर भाजपा नेता पुराण देशमुख और जनपद पंचायत CEO रूपेश पांडेय के बीच विवाद हो गया।
दोनों के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो में रूपेश पांडेय को “जो करना है कर लो” कहते हुए सुना गया था।
इसके बाद संभागायुक्त ने उनके आचरण को लेकर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
साथ ही जनपद पंचायत दुर्ग के CEO का अतिरिक्त प्रभार जिला पंचायत में पदस्थ प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार जांगड़े को सौंप दिया गया।
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Rupesh Pandey Suspension मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है। एक ओर भाजपा मुलाकात को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं रूपेश पांडेय इसे सामान्य भेंट बताते हुए निलंबन को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। अब सभी की नजर मुख्य सचिव के समक्ष होने वाली अपील और संभावित न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जिससे Rupesh Pandey Suspension मामले की अगली दिशा तय होगी।
