Ramgarh Mahotsav 2026 को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Rajesh Agrawal ने गुरुवार को सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ और विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा।
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Ramgarh Mahotsav 2026 का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, विद्युत व्यवस्था, पेयजल सुविधा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन की तैयारियों का अवलोकन किया।
अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश
मंत्री ने कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
Ramgarh Mahotsav 2026 के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
सीताबेंगरा और हाथी पोल पर विशेष ध्यान
मंत्री ने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में सुरक्षा और पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।
यह दोनों स्थल रामगढ़ की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल हैं और हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
Ramgarh Mahotsav 2026 से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि पर्यटन विकास का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा आयोजन
सरकार का लक्ष्य रामगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है।
महोत्सव के माध्यम से रामवनगमन पर्यटन परिपथ, सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाओं को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
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रामगढ़ की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगी नई पहचान
Ramgarh Mahotsav 2026 छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने का अवसर माना जा रहा है।
रामगढ़ को विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा यहां स्थित सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाएं भी पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इन धरोहरों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस
महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
यातायात नियंत्रण, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
इसके साथ ही विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी और जागरूकता स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
स्थानीय रोजगार और संस्कृति को मिलेगा लाभ
Ramgarh Mahotsav 2026 से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक समूहों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि इस आयोजन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
29 और 30 जून को होगा दो दिवसीय आयोजन
राज्य सरकार द्वारा 29 और 30 जून को आयोजित किए जा रहे इस दो दिवसीय महोत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रदर्शनी और पर्यटन गतिविधियां प्रमुख आकर्षण होंगी।
यह आयोजन सरगुजा क्षेत्र को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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Ramgarh Mahotsav 2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन विरासत को नई पहचान देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बनने जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा की जा रही व्यापक तैयारियां यह दर्शाती हैं कि रामगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में Ramgarh Mahotsav 2026 न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय संस्कृति, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।
