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Rahul Gandhi ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस को दिया बड़ा राजनीतिक एजेंडा

Rahul Gandhi ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस को अगले तीन महीनों के लिए बड़ा राजनीतिक एजेंडा सौंपा है। प्रदेश में जल, जंगल और जमीन के मुद्दों को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाने की रणनीति बनाई गई है। कांग्रेस अब बस्तर, रायगढ़, तमनार और हसदेव क्षेत्र में जंगल कटाई तथा बड़े औद्योगिक घरानों की गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाएगी।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने रायपुर दौरे के दौरान प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठक कर आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।


Rahul Gandhi ने दिया तीन महीने का एजेंडा

जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे Rahul Gandhi ने प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की।

बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार नेताओं ने जल, जंगल और जमीन के मुद्दे को प्रदेश का सबसे बड़ा जनसरोकार बताया और इसे आंदोलन का केंद्र बनाने का सुझाव दिया।


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जल, जंगल और जमीन पर Rahul Gandhi की रणनीति

हसदेव और बस्तर होंगे आंदोलन के केंद्र

बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस अगले तीन महीनों तक लगातार जनसंपर्क और जनआंदोलन अभियान चलाएगी।

विशेष रूप से हसदेव, बस्तर, रायगढ़ और तमनार जैसे क्षेत्रों में जंगल कटाई और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

Rahul Gandhi ने नेताओं से कहा कि प्रभावित लोगों के साथ खड़े होकर उनकी आवाज को मजबूती से उठाया जाए।

खेती-किसानी और खाद संकट भी रहेगा मुद्दा

बैठक में कई नेताओं ने खेती-किसानी के सीजन को देखते हुए खाद की कमी का मुद्दा उठाया।

इसके अलावा NEET परीक्षा, बढ़ती महंगाई, मनरेगा और बेरोजगारी जैसे विषयों पर भी आंदोलन की रणनीति बनाने की बात हुई।


नेताओं के साथ अहम बैठक में क्या हुआ?

Rahul Gandhi ने सभी नेताओं से व्यक्तिगत रूप से फीडबैक लिया और विभिन्न मुद्दों पर उनके सुझाव सुने।

बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और अगले ढाई वर्षों की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

कांग्रेस नेतृत्व ने तय किया कि तीन महीने तक लगातार अभियान चलाने के बाद रायपुर में Rahul Gandhi की बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।

इस दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।


फोटो प्रदर्शनी में दिखे कई बड़े मुद्दे

बैठक से पहले Rahul Gandhi ने प्रदेश कांग्रेस द्वारा लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

प्रदर्शनी में NEET, बढ़ती महंगाई, जल-जंगल की लड़ाई, मनरेगा, पदयात्रा और अन्य जनहित मुद्दों से जुड़ी तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं।

इसके अलावा बूथ गठन और संगठन विस्तार से जुड़े कार्यों को भी तस्वीरों के माध्यम से दिखाया गया।


एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं का उत्साह, रिसॉर्ट में दिखा अनुशासन

राहुल की गाड़ी को कार्यकर्ताओं ने घेरा

रायपुर एयरपोर्ट पर Rahul Gandhi के आगमन के दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया।

कुछ अति-उत्साही समर्थकों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, जिससे कुछ देर के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई।

स्थिति को संभालने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा और रास्ता साफ कराना पड़ा।

रिसॉर्ट में वरिष्ठ नेताओं ने किया इंतजार

दूसरी ओर अभनपुर स्थित प्रशिक्षण शिविर में अनुशासन का अलग ही नजारा देखने को मिला।

कार्यक्रम में केवल जिला अध्यक्षों को प्रवेश की अनुमति थी, इसलिए कई वरिष्ठ नेता और विधायक बाहर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।


संगठन को लेकर Rahul Gandhi का संदेश

प्रदेश संगठन की तारीफ की

बैठक के दौरान Rahul Gandhi ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और उनकी टीम के कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में संगठन अच्छा काम कर रहा है और सभी नेताओं को मिलकर जनता के मुद्दों पर संघर्ष करना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों में सभी नेताओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।


उमेश पटेल से 15 मिनट की अकेली चर्चा

राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा Rahul Gandhi और खरसिया विधायक उमेश पटेल की मुलाकात को लेकर रही।

सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच करीब 15 मिनट तक अकेले में बातचीत हुई।

कयास लगाए जा रहे हैं कि संगठन या पार्टी में किसी बड़ी जिम्मेदारी को लेकर चर्चा हुई हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


Rahul Gandhi का छत्तीसगढ़ दौरा केवल संगठनात्मक बैठक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आने वाले महीनों की राजनीतिक दिशा भी तय कर गया। जल, जंगल और जमीन के मुद्दों को केंद्र में रखकर कांग्रेस राज्य में बड़ा जनआंदोलन खड़ा करने की तैयारी कर रही है। यदि पार्टी इस रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करती है, तो Rahul Gandhi का यह एजेंडा छत्तीसगढ़ की राजनीति में महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।

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