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Pooja Nirmalkar Murder केस में बड़ा फैसला

Pooja Nirmalkar Murder मामले में दुर्ग जिले के पाटन अपर सत्र न्यायालय ने 21 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश दुलार सिंह निर्मलकर ने दीपक उर्फ अविनाश झा और मायाशंकर तिवारी उर्फ राजू उर्फ मिथ्थैया को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया।

अदालत ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं धारा 201 के तहत दोनों को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई।

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Pooja Nirmalkar Murder: शराब पीने के दौरान हुआ विवाद

अभियोजन के अनुसार, 23 फरवरी 2022 को पूजा निर्मलकर गांधीनगर, भिलाई-3 स्थित दीपक के किराए के मकान में थी। इसी दौरान मायाशंकर तिवारी भी वहां पहुंचा। दोनों आरोपियों ने शराब पी और डांस किया।

अभियोजन के मुताबिक, पूजा और मायाशंकर के बीच कथित आपत्तिजनक व्यवहार को देखकर दीपक नाराज हो गया। आरोप है कि उसने पहले मायाशंकर पर शराब की बोतल से हमला किया, जिसके बाद मायाशंकर वहां से चला गया।

इसके बाद पूजा के साथ मारपीट की गई। अभियोजन का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उसे पकड़कर उसका सिर दीवार से टकराया और कांच के टुकड़े से उसके सिर व शरीर पर वार किए। गंभीर चोटों के कारण पूजा की मौत हो गई।

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Pooja Nirmalkar Murder के बाद शव खंडहर में फेंका

अभियोजन के अनुसार, हत्या के बाद शव को तत्काल बाहर नहीं निकाला गया। शव को दिनभर कमरे में रखा गया और 24 फरवरी की देर रात चादर में लपेटकर बाइक से जोरातराई की पुरानी देशी शराब भट्टी के पास स्थित एक खंडहर में ले जाकर छिपा दिया गया।

25 फरवरी 2022 को हरिश नायक ने खंडहर में शव पड़े होने की सूचना उतई पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मर्ग क्रमांक 09/2022 दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया और पंचों के समक्ष शव पंचनामा की कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल दुर्ग भेजा गया।

Pooja Nirmalkar Murder की कड़ी ऐसे सामने आई

मृतका की पहचान उसकी मां नीरू निर्मलकर और बहन नेहा सोना ने पूजा निर्मलकर के रूप में की। इसके बाद मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

जांच में पुलिस के सामने आया कि पूजा पहले से शादीशुदा थी और उसके दो बच्चे थे। वह अपने पति से अलग होकर दीपक के साथ गांधीनगर में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रह रही थी। दोनों के बीच अक्सर विवाद होने की जानकारी भी जांच में सामने आई।

पुलिस ने दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच आगे बढ़ने पर मायाशंकर की भूमिका भी सामने आई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

अदालत में बचाव पक्ष ने सजा में नरमी मांगी

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को अदालत के सामने रखा।

वहीं बचाव पक्ष ने दोनों आरोपियों का पहला अपराध होने और लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में रहने का हवाला देते हुए सजा में नरमी की मांग की।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई।

Pooja Nirmalkar Murder: उम्रकैद के साथ जुर्माना

धारा 302/34 के तहत दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। अर्थदंड नहीं देने पर 5 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

वहीं धारा 201 के तहत दोनों को 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर 3 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं समानांतर रूप से चलेंगी। सजा के बाद दोनों के सजा वारंट तैयार कर उन्हें केंद्रीय कारागार दुर्ग भेजने का आदेश दिया गया।

1638 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे आरोपी

अदालत के निर्णय के अनुसार, दोनों आरोपी 25 फरवरी 2022 से 21 अगस्त 2026 तक कुल 1638 दिन, यानी करीब 4 वर्ष 5 माह 27 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे।

फैसले के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस मामले में अदालत का फैसला करीब साढ़े चार साल पुराने हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

आपराधिक मामलों में अदालत के फैसले और न्यायिक प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी के लिए भारत के ई-कोर्ट्स पोर्टल पर भी जानकारी देखी जा सकती है। भारत सरकार का न्याय विभाग न्यायिक व्यवस्था से संबंधित आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराता है।

Pooja Nirmalkar Murder मामले में पाटन अपर सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 2022 में सामने आए इस मामले में शव को खंडहर में छिपाने से लेकर पुलिस जांच और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने अपना फैसला सुनाया। दोनों दोषियों को सजा वारंट के बाद केंद्रीय कारागार दुर्ग भेजने का आदेश दिया गया।

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