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Mission Amrit 2.0: छत्तीसगढ़ के शहरों में विकास को नई रफ्तार

Mission Amrit 2.0 को लेकर छत्तीसगढ़ में शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई। रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में 7 अक्टूबर 2026 को मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें पेयजल, सीवरेज ट्रीटमेंट, जल निकायों के पुनरुद्धार और पार्क विकास से जुड़ी परियोजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।

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Mission Amrit 2.0 के तहत 81 परियोजनाएं स्वीकृत

बैठक में बताया गया कि Mission Amrit 2.0 के तहत राज्य में कुल 81 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें से 64 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 45 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।

वर्तमान में 19 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं। वहीं, शेष 11 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR को इसी माह के अंत तक स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।

इससे स्पष्ट है कि राज्य में शहरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ रही हैं।

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जलापूर्ति योजनाओं पर खास फोकस

Mission Amrit 2.0 के अंतर्गत जल प्रदाय योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। राज्य में कुल 37 जल प्रदाय परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 36 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।

बैठक के दौरान जगदलपुर (बस्तर) जल प्रदाय योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की प्रशासनिक स्वीकृति को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

शहरी क्षेत्रों में बेहतर और भरोसेमंद पेयजल व्यवस्था विकसित करना इस योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

Mission Amrit 2.0 से 9 STP का निर्माण

शहरों में सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। अम्बिकापुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई और दुर्ग जैसे प्रमुख नगरीय निकायों में 9 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए जा रहे हैं।

इन STP की कुल क्षमता 333 MLD होगी। इनके निर्माण पर करीब 465.82 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे सीवेज के बेहतर उपचार और शहरी पर्यावरण को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पेयजल और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शहरी जीवन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पार्क विकास से बढ़ेगा हरित क्षेत्र

Mission Amrit 2.0 के तहत शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पिछले एक महीने में बिलासपुर, मुंगेली, कांकेर और अहिवारा में 4 पार्क विकास परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं।

इन परियोजनाओं से शहरी क्षेत्रों में लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान और हरित क्षेत्र विकसित करने की दिशा में मदद मिलेगी।

इसके अलावा अमृत शहरों के लिए GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार करने की उप-योजना के तहत संशोधित स्टेट एक्शन प्लान के अनुमोदन की भी समीक्षा की गई।

Mission Amrit 2.0 में गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर

बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के साथ परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य स्वीकृत योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय जमीन पर तेजी से लागू करना है।

बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, वित्त, जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।

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Mission Amrit 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ में पेयजल, सीवरेज, पार्क और शहरी नियोजन से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। 81 स्वीकृत परियोजनाओं के साथ अब सबसे बड़ी चुनौती इन्हें गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय पर पूरा करना है। यदि निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार काम आगे बढ़ता है, तो राज्य के शहरों में बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं को नई मजबूती मिल सकती है।

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