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PM Awas Yojana पर पहली बार आमने-सामने आए बड़े नेता

PM Awas Yojana को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत में मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को बड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के दो बड़े नेता उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एक ही मंच पर आमने-सामने आए और करीब 1 घंटे 20 मिनट तक आवास योजना के आंकड़ों पर बहस की।

रायपुर प्रेस क्लब से डिबेट का लाइव प्रसारण किया गया। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की थी, जिसके बाद इस ओपन डिबेट का आयोजन किया गया।

बहस के दौरान दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत और पूर्ण हुए आवासों के आंकड़े सामने रखे। हालांकि, दोनों के दावों में बड़ा अंतर दिखाई दिया।

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विजय शर्मा ने PM Awas Yojana पर क्या आंकड़े रखे?

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दावा किया कि केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में 17 लाख 75 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की वेबसाइट पर इससे संबंधित आंकड़े उपलब्ध हैं।

विजय शर्मा ने यह भी दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ ने देश में सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री आवास बनाए।

उनके मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान वित्तीय स्वीकृति मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में आवास पूरे नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों में वित्तीय स्वीकृति करीब 3,900 करोड़ रुपये की थी, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान लगभग 3 लाख आवास पूरे हुए।

विजय शर्मा ने दावा किया कि मौजूदा भाजपा सरकार ने ढाई वर्ष में करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। बहस के दौरान उन्होंने सही आंकड़ों के लिए भारत सरकार के रिकॉर्ड देखने की बात कही और गणना को लेकर भी सवाल उठाए।

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PM Awas Yojana पर बघेल के आंकड़े

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डिबेट में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के अलग-अलग वर्षों के आंकड़े पेश किए।

बघेल के अनुसार, वर्ष 2018 में 3 लाख 48 हजार 960 मकान स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 1 लाख 39 हजार मकान पूर्ण हुए। उन्होंने 2020-21 में 1 लाख 97 हजार 811 आवासों के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें से 1 लाख 22 हजार आवास पूरे हुए।

उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सरकारों के पास आर्थिक संसाधनों की कमी थी। बघेल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास का पोर्टल बंद कर दिया गया था।

PM Awas Yojana पर पोर्टल और फंडिंग को लेकर बहस

भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने केंद्र से अपना पैसा मांगा था और इस संबंध में पत्राचार भी किया गया था। उन्होंने 2011 की जनगणना के आधार पर राज्य में करीब 18 लाख आवासों की जरूरत बाकी होने की बात कही।

बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने करीब 6 लाख 97 हजार आवास स्वीकृत किए थे। आंकड़े पेश किए जाने के दौरान विजय शर्मा ने मंच से गणना दोबारा करने की बात कही और कहा कि गणित सही होना चाहिए।

वहीं विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि कोरोना काल में भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पैसा आ रहा था। उन्होंने कहा कि मुद्दा पोर्टल बंद होने का नहीं था।

विजय शर्मा ने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री आवास को लेकर केंद्र पर निर्भरता जताई थी और कहा था कि प्रधानमंत्री आवास है तो प्रधानमंत्री ही जाने तथा पूरी राशि राज्य अपनी ओर से देगा।

बघेल बोले- पत्रकार खुद पता लगा लेंगे सच

भूपेश बघेल ने विजय शर्मा के दावे का विरोध करते हुए कहा कि कोरोना काल में केंद्र ने राज्य को राशि जारी नहीं की थी और पोर्टल बंद था।

उन्होंने कहा कि सही क्या था, इसका पता पत्रकार खुद लगा सकते हैं कि कौन सच बोल रहा है। बघेल ने दावा किया कि 25 सितंबर 2023 से दिसंबर 2024 के बीच 18 लाख मकान स्वीकृत किए गए।

इस दौरान विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच आंकड़ों और सरकारी रिकॉर्ड को लेकर लगातार तीखी बहस होती रही।

डिबेट के बाद भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विवाद

रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित बहस के दौरान व्यवस्था को लेकर कुछ पत्रकारों ने भी नाराजगी जताई। डिबेट खत्म होने के बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की स्थिति बन गई।

कांग्रेस नेता शैलेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को प्रेस क्लब के भीतर जाने की अनुमति दी गई, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर बलपूर्वक रोका गया।

बहस समाप्त होने के बाद दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत की स्थिति पैदा हुई। हालांकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया।

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राजनीतिक रूप से क्यों अहम है यह बहस?

PM Awas Yojana पर हुई यह सीधी बहस इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि इसमें मौजूदा सरकार और पूर्ववर्ती सरकार के शीर्ष नेताओं ने एक ही मंच पर अपने-अपने दावों को रखा।

आवासों की स्वीकृति, पूर्णता, केंद्र से मिलने वाली राशि, राज्य के खर्च और कोरोना काल के दौरान योजना की स्थिति जैसे मुद्दे बहस के केंद्र में रहे।

अब दोनों पक्षों के दावों की वास्तविकता सरकारी रिकॉर्ड और आधिकारिक आंकड़ों से ही स्पष्ट होगी। ऐसे में इस राजनीतिक बहस के बाद योजना से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है।

PM Awas Yojana को लेकर विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच हुई 1 घंटे 20 मिनट की बहस ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया मुद्दा गरमा दिया है। दोनों नेताओं ने अपने-अपने आंकड़े रखे और एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए। डिबेट के बाद कार्यकर्ताओं के बीच विवाद ने मामले को और राजनीतिक बना दिया। अब जनता की नजर सरकारी रिकॉर्ड और आधिकारिक आंकड़ों पर रहेगी, जिससे यह साफ हो सके कि आवासों की स्वीकृति और पूर्णता को लेकर किसका दावा सही है।

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