Petrol Diesel Supply को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में डीजल और पेट्रोल की बढ़ती मांग के बीच ईंधन की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री रोकने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। यह टीम पूरे प्रदेश में निगरानी रखेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करेगी।
सरकार का कहना है कि आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध ईंधन का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Petrol Diesel Supply पर केंद्र सरकार के निर्देश के बाद बढ़ी निगरानी
केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी करते हुए पेट्रोल और डीजल की कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखने को कहा है।
निर्देशों के तहत जमाखोरी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को विशेष निगरानी तंत्र विकसित करने को कहा गया है।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने SIT गठित कर कार्रवाई तेज कर दी है।
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कालाबाजारी रोकने के लिए SIT को मिली विशेष जिम्मेदारी
जमाखोरों पर होगी सीधी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि खुदरा उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध ईंधन की अवैध खरीद-बिक्री और जमाखोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
SIT को ऐसे मामलों की पहचान कर तत्काल जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।
बल्क उपभोक्ताओं पर भी रहेगी नजर
जानकारी के अनुसार, कुछ बड़े उपभोक्ता और ठेकेदार खुदरा बिक्री केंद्रों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे सामान्य आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इसी कारण सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है।
Petrol Diesel Supply में कई जिलों में रिकॉर्ड वृद्धि
राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 मई से 31 मई 2026 के बीच कई जिलों में हाई स्पीड डीजल की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
| जिला | डीजल बिक्री में वृद्धि |
|---|---|
| बस्तर | 32.0% |
| बालोद | 28.0% |
| कोरिया | 25.4% |
| मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी | 24.9% |
| कोंडागांव | 22.1% |
| रायपुर | 19.8% |
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती मांग के कारण Petrol Diesel Supply की निगरानी और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
सरकार ने कहा है कि पेट्रोलियम उत्पादों के अवैध विचलन, जमाखोरी और हेरफेर के मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के अनुसार एफआईआर दर्ज की जाएगी।
इसके अलावा उद्योग संगठनों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने सदस्यों को केवल अधिकृत स्रोतों से ही ईंधन खरीदने की सलाह दें।
Petrol Diesel Supply को लेकर तेल कंपनियों का बड़ा बयान
ईंधन की कोई कमी नहीं
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
कंपनियों के अनुसार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
सभी डिपो और टर्मिनल पूरी क्षमता से संचालित
तेल कंपनियों ने बताया कि:
- सभी टर्मिनल संचालित हैं।
- डिपो पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।
- पाइपलाइन नेटवर्क सामान्य है।
- एलपीजी बॉटलिंग प्लांट सक्रिय हैं।
- सभी अधिकृत पेट्रोल पंपों पर नियमित आपूर्ति जारी है।
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Petrol Diesel Supply को लेकर अफवाहों से बचने की अपील
सरकार और तेल कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें।
घबराहट में अनावश्यक ईंधन खरीदारी से बचने की सलाह दी गई है। नागरिकों को केवल अधिकृत सरकारी एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अफवाहें आपूर्ति श्रृंखला पर अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में ईंधन प्रबंधन पर सरकार का फोकस
प्रदेश सरकार का कहना है कि आम जनता को निर्बाध Petrol Diesel Supply उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
इसी उद्देश्य से निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सरकार का दावा है कि बाजार में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
Petrol Diesel Supply को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। बढ़ती मांग और कालाबाजारी की आशंकाओं के बीच SIT का गठन एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जमाखोरी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहीं तेल कंपनियों ने भी भरोसा दिलाया है कि Petrol Diesel Supply पूरी तरह सामान्य है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
