plosion: सूरजपुर के ब्रह्मपुर गांव में कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार को प्रेमनगर क्षेत्र के ब्रह्मपुर गांव में हुई। मृतक बच्चा महेंद्र सिंह नेताम का पुत्र था।
परिजनों और पुलिस के मुताबिक बच्चा अपने भाई-बहनों और गांव के अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान कुछ बच्चों को आसपास एक पुरानी मोबाइल बैटरी मिली।
बताया जा रहा है कि बच्चे उस बैटरी के साथ खेल रहे थे, तभी अचानक उसमें विस्फोट हो गया। Mobile Battery Explosion इतना तेज था कि मासूम का चेहरा और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए।
बच्चों के हाथ कैसे लगी पुरानी बैटरी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि परिवार को यह जानकारी नहीं है कि वह बैटरी कहां से आई थी।
मृतक बच्चे के पिता महेंद्र सिंह नेताम ने पुलिस को बताया कि संभवतः बच्चों ने खेलते समय आसपास से बैटरी उठाई होगी। गांव में फेंकी गई इलेक्ट्रॉनिक सामग्री से यह बैटरी मिलने की आशंका जताई जा रही है।
यह घटना ई-वेस्ट (Electronic Waste) के अनुचित निपटान पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
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अस्पताल में चला इलाज, लेकिन नहीं बच सकी जान
हादसे के तुरंत बाद परिजन बच्चे को प्रेमनगर अस्पताल लेकर पहुंचे।
बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से हालत और बिगड़ने पर उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
डॉक्टरों की टीम ने बच्चे को बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन गंभीर जलन और चोटों के कारण मंगलवार सुबह करीब 4 बजे उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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Mobile Battery Explosion का संभावित कारण क्या है?
पुलिस और अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि Mobile Battery Explosion शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ हो सकता है।
अधिकारियों के अनुसार जब बच्चे बैटरी से खेल रहे थे, तब उसके टर्मिनल आपस में संपर्क में आ गए होंगे। इससे अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और बैटरी में विस्फोट हो गया।
विशेषज्ञों के अनुसार पुरानी, क्षतिग्रस्त या फूल चुकी लिथियम-आयन बैटरियां अत्यंत खतरनाक हो सकती हैं। ऐसी बैटरियों में अधिक तापमान, दबाव या शॉर्ट सर्किट होने पर विस्फोट की आशंका रहती है।
Mobile Battery Explosion जैसी घटनाओं से कैसे बचें?
बच्चों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से दूर रखें
पुरानी बैटरियां, मोबाइल पार्ट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बच्चों की पहुंच से दूर रखने चाहिए।
क्षतिग्रस्त बैटरियों का सुरक्षित निपटान करें
फूली हुई या खराब बैटरियों को घर में रखने के बजाय अधिकृत ई-वेस्ट संग्रह केंद्रों में जमा करें।
ई-वेस्ट का सही प्रबंधन जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि गांवों और शहरों में ई-वेस्ट के सुरक्षित निपटान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
अभिभावकों की सतर्कता जरूरी
बच्चों के खेलने के स्थानों पर पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान या बैटरियां नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन और पुलिस की जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि बैटरी के स्रोत और विस्फोट के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को हादसे का कारण माना जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में हुई इस घटना ने लोगों को पुरानी मोबाइल बैटरियों के खतरों के प्रति सचेत किया है।
Mobile Battery Explosion की यह दर्दनाक घटना बताती है कि फेंकी गई या खराब मोबाइल बैटरियां कितनी घातक साबित हो सकती हैं। सूरजपुर के ब्रह्मपुर गांव में एक वर्षीय मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-वेस्ट के सुरक्षित निपटान, अभिभावकों की सतर्कता और बच्चों को खतरनाक वस्तुओं से दूर रखने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। यह हादसा समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि पुरानी बैटरियों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
