Meri Beti Mera Abhiman अभियान के तहत कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत की नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत केसकोड़ी में पहला बालिका शौचालय निर्मित किया गया है। यह पहल विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं के लिए स्वच्छता, गरिमा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कभी नक्सल समस्या से प्रभावित रहे केसकोड़ी गांव में अब शिक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी-जीरामजी योजना के तहत निर्मित यह शौचालय ग्रामीण क्षेत्र में बदलती विकास प्राथमिकताओं का उदाहरण है।
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केसकोड़ी में Meri Beti Mera Abhiman की शुरुआत
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित Meri Beti Mera Abhiman अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है।
कांकेर की नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत केसकोड़ी में बनाया गया बालिका शौचालय इसी अभियान के जमीनी क्रियान्वयन का उदाहरण है। इससे विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं को आवश्यक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध होगी।
6 अगस्त को हुआ था अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त 2026 को ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया था। यह विशेष अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालय बनाए जाने हैं। इन निर्माण कार्यों के लिए कुल 286.85 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
प्रत्येक बालिका शौचालय के निर्माण के लिए 4 लाख 30 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
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Meri Beti Mera Abhiman के तहत 6,671 शौचालय
Meri Beti Mera Abhiman अभियान का व्यापक लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाली बालिकाओं को विद्यालयों में आवश्यक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराना है।
उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य गांव की हर बेटी को विद्यालय में सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण बालिकाओं को होने वाली परेशानियों को दूर करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण पूरा करना है।
बेटियों की शिक्षा और स्वच्छता पर जोर
विद्यालय में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा बालिकाओं के लिए स्वच्छता और सुविधा से जुड़ी महत्वपूर्ण जरूरत है। केसकोड़ी में शौचालय निर्माण से वहां अध्ययनरत छात्राओं को अपने विद्यालय परिसर में ही आवश्यक सुविधा मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले नक्सल समस्या के कारण विकास प्रभावित रहा, वहां अब शिक्षा, स्वच्छता और बेटियों के सम्मान से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।
वीबी-जीरामजी योजना से ग्रामीण विकास
केसकोड़ी में बालिका शौचालय का निर्माण विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत किया गया है।
इस योजना के तहत अब 375 प्रकार के विकास कार्य अनुमेय हैं। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।
इन कार्यों का चयन ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के अनुमोदन से किया जाएगा। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था होगी।
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भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी ग्रामीण रोजगार और ग्रामीण विकास योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराती है। भारत सरकार – ग्रामीण विकास मंत्रालय
ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी
वीबी-जीरामजी के अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलने की जानकारी दी गई है।
योजना में विकास कार्यों और रोजगार के अवसरों को ग्रामीण जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की भूमिका के माध्यम से स्थानीय स्तर पर कार्यों के चयन की व्यवस्था रखी गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर राज्य की विभिन्न योजनाओं और ग्रामीण विकास से जुड़ी सरकारी पहलों की जानकारी उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ सरकार का आधिकारिक पोर्टल
26 जनवरी 2027 तक पूरा होगा निर्माण
सरकार ने Meri Beti Mera Abhiman अभियान के तहत निर्धारित 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण 26 जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
केसकोड़ी में निर्मित पहला बालिका शौचालय इस लक्ष्य की दिशा में शुरुआती उदाहरणों में शामिल है। अभियान के जरिए ग्रामीण विद्यालयों में बालिकाओं के लिए स्वच्छता और सुविधा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
Meri Beti Mera Abhiman अभियान के तहत कांकेर के नक्सल मुक्त ग्राम पंचायत केसकोड़ी में पहला बालिका शौचालय तैयार होना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश में 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 286.85 करोड़ रुपये का प्रावधान है। 26 जनवरी 2027 तक इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को स्वच्छता, सुविधा और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
