हैदराबाद, 5 नवंबर 2026। तेलंगाना के खम्मम जिले में Bethupalli Lake के उफनते पानी के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। बुधवार शाम मछुआरों को बचाने पहुंचे राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और दमकल विभाग के कर्मियों की दो नावें पलटने की आशंका है। शुरुआती पीटीआई रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10 SDRF जवान लापता बताए गए हैं। कुछ अन्य मीडिया रिपोर्टों में दमकल विभाग के कर्मचारियों सहित कुल 11 बचावकर्मियों के लापता होने की जानकारी दी गई है। घटना के बाद मौके पर बड़े स्तर पर तलाश और बचाव अभियान शुरू किया गया।
Bethupalli Lake में कैसे हुआ हादसा?
यह घटना खम्मम जिले के सथुपल्ली मंडल स्थित बेथुपल्ली झील में हुई। क्षेत्र में चक्रवात ‘मुरासु’ के प्रभाव से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण झील का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ मछुआरे झील में मछली पकड़ने के लिए जाल लगाने गए थे। अचानक पानी बढ़ने और तेज बहाव के कारण वे झील में फंस गए। उनकी मदद के लिए बचाव दल को मौके पर भेजा गया था।
शुरुआती पीटीआई रिपोर्ट में करीब 10 SDRF कर्मियों के लापता होने की बात कही गई है। वहीं, कुछ विस्तृत रिपोर्टों में SDRF और दमकल विभाग के कर्मियों को मिलाकर 11 लोगों के लापता होने का उल्लेख है। इसलिए बचावकर्मियों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
मछुआरों को बचाने के दौरान पलटीं दो नावें
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआत में तीन दमकलकर्मी एक नाव से मछुआरों को बचाने के लिए झील में पहुंचे थे। इस दौरान उनकी नाव में तकनीकी खराबी आ गई और वे खुद पानी में फंस गए।
इसके बाद कोठागुडेम से SDRF के छह जवान और दमकल विभाग के चार अन्य कर्मियों को दो नावों के साथ बचाव अभियान में लगाया गया। इन टीमों ने पहले फंसे हुए तीन दमकलकर्मियों को सुरक्षित वापस लाने में सफलता हासिल की।
इसके बाद जब बचाव दल मछुआरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था, तभी दोनों नावों के पलटने की सूचना मिली। तेज बहाव और उफनते पानी के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। नावों के पलटने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
NDRF की टीमें भी तलाश अभियान में शामिल
हादसे की सूचना मिलते ही खम्मम जिला कलेक्टर दिवाकरा टी.एस. और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। लापता कर्मियों की तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन ने बचाव दलों को तैनात किया।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को भी अभियान में लगाया गया है। भद्राचलम से अतिरिक्त NDRF कर्मियों को बुलाकर तलाश और बचाव कार्य तेज किया गया।
मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना को लेकर चिंता जताई और कहा कि जिला कलेक्टर से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली गई है। उन्होंने वरिष्ठ NDRF अधिकारियों के साथ समन्वय कर बचाव दलों की तैनाती की बात भी कही।
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मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घटना की जानकारी मिलने के बाद खम्मम जिला कलेक्टर से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को लापता बचावकर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव संजय जाजू को भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने और बचाव अभियान की निगरानी करने को कहा। राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने भी अधिकारियों से संपर्क कर अभियान की प्रगति की जानकारी ली।
मंत्री ने X पर बताया कि बचाव दल ने लापता SDRF कर्मियों की संभावित लोकेशन की पहचान कर ली है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी कर्मियों को सुरक्षित बचा लिया जाएगा। हालांकि, संभावित लोकेशन की जानकारी मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी कर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
Bethupalli Lake में खराब मौसम बना चुनौती
लगातार बारिश, तेज बहाव और कम दृश्यता के कारण झील में बचाव अभियान चलाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता कर्मियों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
इस घटना ने एक बार फिर बाढ़ और जलभराव वाले इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान आने वाली चुनौतियों को सामने ला दिया है। ऐसे हालात में प्रशिक्षित बचाव दलों के लिए सुरक्षा उपकरण, मौसम की स्थिति और जलप्रवाह का आकलन बेहद जरूरी होता है।
Bethupalli Lake में मछुआरों को बचाने के दौरान हुआ यह हादसा बेहद चिंताजनक है। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 10 SDRF कर्मियों के लापता होने की जानकारी है, जबकि कुछ खबरों में दमकलकर्मियों सहित संख्या 11 बताई गई है। NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें तलाश अभियान में जुटी हैं। सभी लापता बचावकर्मियों की सुरक्षित वापसी और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
