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Dhamtari Cleanliness Campaign: जल स्रोतों की सफाई तेज

Dhamtari Cleanliness Campaign के तहत धमतरी जिले में नदी घाटों, जलाशयों और अन्य महत्वपूर्ण जल स्रोतों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया गया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वन विभाग धमतरी वनमंडल द्वारा शुरू किए गए ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत 25 सितंबर 2026 को जिले के कई प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, नदी घाटों की स्वच्छता और आम नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और नागरिकों से अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।

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धमतरी में विशेष स्वच्छता अभियान

वन विभाग ने ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान की शुरुआत 23 सितंबर 2026 को पौधरोपण कार्यक्रम के साथ की थी। इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए 25 सितंबर को जिले के अलग-अलग महत्वपूर्ण जल स्रोतों और नदी घाटों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान जल स्रोतों के आसपास जमा प्लास्टिक बोतलें, कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट सामग्री हटाई गई। सफाई के साथ-साथ लोगों को इन प्राकृतिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक भी किया गया।

प्रमुख जल स्रोतों और नदी घाटों की सफाई

स्वच्छता अभियान के तहत फुटहामुड़ा जलाशय, नरहरा जलप्रपात कोटरवाही, महानदी उद्गम स्थल फरसियां, नगरी स्थित महामाई मंदिर और गणेश घाट सिंहावा में साफ-सफाई की गई।

इन स्थानों पर वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र से कचरा हटाया और स्थानीय लोगों को जल स्रोतों में किसी भी तरह का अपशिष्ट नहीं डालने के लिए प्रेरित किया।

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ये जल स्रोत और प्राकृतिक स्थल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इनके आसपास स्वच्छता बनाए रखना स्थानीय पर्यावरण के साथ-साथ पर्यटन और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Dhamtari Cleanliness Campaign में जनभागीदारी

Dhamtari Cleanliness Campaign में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रही। लोगों को बताया गया कि केवल प्रशासनिक स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों से जल स्रोतों को लंबे समय तक स्वच्छ रखना संभव नहीं है।

इसके लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी जरूरी है। नागरिक अपने आसपास के जल स्रोतों, नदी घाटों और प्राकृतिक स्थलों पर कचरा नहीं डालकर स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश

अभियान के दौरान अधिकारियों ने जल स्रोतों के महत्व पर भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि जल स्रोत केवल पेयजल और सिंचाई के आधार नहीं हैं, बल्कि प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण हिस्से भी हैं।

जल स्रोतों में प्लास्टिक और अन्य कचरा पहुंचने से इनके प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए जल संरक्षण के साथ स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण पर भी ध्यान देना जरूरी है।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध है। MoEFCC की आधिकारिक वेबसाइट

Dhamtari Cleanliness Campaign के साथ पौधरोपण

स्वच्छता अभियान के दौरान संबंधित स्थलों पर पौधरोपण भी किया गया। इसका उद्देश्य जल संरक्षण के साथ हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों तक पहुंचाना रहा।

वन विभाग के अनुसार स्वच्छ जल स्रोत, हरियाली और स्वच्छ प्राकृतिक स्थल एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए अभियान में सफाई के साथ पौधरोपण को भी शामिल किया गया।

छत्तीसगढ़ में वन एवं पर्यावरण से जुड़ी सरकारी गतिविधियों की जानकारी राज्य के वन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट

वन विभाग की टीम ने निभाई अहम भूमिका

अभियान में उपवनमंडलाधिकारी नगरी श्री संजय रौतिया, संलग्नाधिकारी श्री बी.के. लकड़ा, प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी बिरगुड़ी श्री अभिनव शर्मा सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

इसके अलावा वन परिक्षेत्र अधिकारियों, डिप्टी रेंजर, वनरक्षकों और अन्य स्टाफ ने भी विभिन्न स्थलों पर आयोजित गतिविधियों में सहभागिता की।

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नागरिकों से की गई विशेष अपील

वन विभाग ने आम नागरिकों से नदी घाटों, जलाशयों, जलप्रपातों और अन्य प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक तथा कचरा नहीं फेंकने की अपील की है।

विभाग ने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और जल स्रोतों के संरक्षण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। अभियान के माध्यम से स्वच्छ जल स्रोत, स्वच्छ पर्यावरण और हरित धमतरी का संदेश दिया गया।

Dhamtari Cleanliness Campaign के माध्यम से धमतरी जिले में जल स्रोतों और नदी घाटों की स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। फुटहामुड़ा जलाशय से लेकर महानदी उद्गम स्थल और गणेश घाट सिंहावा तक विभिन्न स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया। पौधरोपण और जनजागरूकता गतिविधियों के जरिए वन विभाग ने साफ किया कि जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ जनभागीदारी भी जरूरी है।

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