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Andhra Pradesh Election Results: TDP गठबंधन की प्रचंड जीत, YSRCP को बड़ा झटका

7 नवंबर 2026 |

आंध्र प्रदेश के पंचायत चुनावों में Andhra Pradesh Election Results ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है। मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (MPTC) और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (ZPTC) के चुनावों में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले तेलुगु देशम पार्टी (TDP) गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया है। गठबंधन में जनसेना पार्टी (JSP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी शामिल हैं।

7 नवंबर की रात 9 बजे राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, TDP गठबंधन ने घोषित परिणामों में 582 ZPTC सीटों में से 273 और 7,767 MPTC सीटों में से 5,597 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) का प्रदर्शन गठबंधन की तुलना में काफी कमजोर रहा।

Andhra Pradesh Election Results: TDP गठबंधन का शानदार प्रदर्शन

आंध्र प्रदेश के ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों में TDP ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं। पार्टी ने ZPTC की 229 सीटों और MPTC की 4,823 सीटों पर जीत दर्ज की। इन आंकड़ों में निर्विरोध चुनी गई सीटें भी शामिल हैं।

गठबंधन की सहयोगी जनसेना पार्टी ने 36 ZPTC और 644 MPTC सीटें जीतीं। वहीं, BJP को 8 ZPTC और 130 MPTC सीटों पर सफलता मिली।

इस तरह तीनों दलों ने मिलकर ZPTC की 273 और MPTC की 5,597 सीटें हासिल कीं। इन नतीजों ने राज्य में TDP गठबंधन की मजबूत राजनीतिक स्थिति को सामने रखा।

YSRCP को लगा बड़ा राजनीतिक झटका

पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP को इन चुनावों में अपेक्षाकृत कम सफलता मिली। पार्टी ने घोषित आंकड़ों के अनुसार 20 ZPTC और 1,050 MPTC सीटों पर जीत दर्ज की।

TDP और YSRCP के बीच सीटों का अंतर ग्रामीण राजनीति में दोनों दलों की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है। खासतौर पर MPTC चुनावों में TDP ने अपने प्रतिद्वंद्वी से काफी अधिक सीटें हासिल कीं।

हालांकि, इन चुनावों के नतीजों को केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं माना जा सकता। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व, विकास कार्य और राजनीतिक संगठनों की सक्रियता भी चुनावी प्रदर्शन को प्रभावित करती है।

70.72 प्रतिशत मतदान, 21 हजार से अधिक सीटों पर चुनावी मुकाबला

आंध्र प्रदेश में MPTC और ZPTC चुनावों के लिए 5 नवंबर को मतदान कराया गया था। राज्य में कुल 70.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो वर्ष 2021 के चुनावों की तुलना में 9.81 प्रतिशत अंक अधिक था।

राज्य में कुल 659 ZPTC और 9,818 MPTC सीटें हैं। इनमें से 77 ZPTC और 2,051 MPTC सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।

शेष 582 ZPTC और 7,767 MPTC सीटों के लिए मतदान कराया गया। इन चुनावों में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई।

चक्रवात मुरासु के प्रभाव के कारण पूर्वी गोदावरी जिले के गोपालापुरम और एलुरु जिले के चार मंडलों में मतदान 5 नवंबर के बजाय 6 नवंबर को कराया गया था। इसके अलावा, चुनावी गड़बड़ियों और मतपेटियों को नुकसान पहुंचने की शिकायतों के बाद सात मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान भी कराया गया।

365 केंद्रों पर हुई मतगणना, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

शनिवार 7 नवंबर को सुबह 8 बजे राज्यभर के 365 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती शुरू हुई। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कुल 9,062 मतगणना टेबल तैयार कराई थीं।

मतगणना प्रक्रिया में 11,002 सुपरवाइजर और 28,692 सहायक कर्मचारियों सहित अन्य कर्मियों की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 19,885 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था।

मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट से हुई। इसके बाद मतदान केंद्रों से प्राप्त बैलेट पेपर की गिनती की गई। MPTC के लिए गुलाबी और ZPTC के लिए सफेद रंग के मतपत्र इस्तेमाल किए गए थे। मतपत्रों को 25-25 के बंडल में व्यवस्थित कर गिनती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

YSRCP ने लगाए चुनावी अनियमितताओं के आरोप

चुनाव परिणामों के बीच YSRCP ने TDP के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए।

पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया और विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की घटनाएं हुईं।

उन्होंने कुछ क्षेत्रों में कथित चुनावी गड़बड़ियों का हवाला देते हुए दोबारा मतदान कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, ये आरोप YSRCP की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

आंध्र प्रदेश की राजनीति में TDP गठबंधन की मजबूत स्थिति

Andhra Pradesh Election Results ने राज्य की ग्रामीण राजनीति में TDP गठबंधन की मजबूत स्थिति को उजागर किया है। TDP, जनसेना और BJP ने मिलकर MPTC और ZPTC चुनावों में बड़ी संख्या में सीटें हासिल कीं, जबकि YSRCP को अपेक्षाकृत कम सफलता मिली। इन नतीजों से चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले गठबंधन को राजनीतिक मजबूती मिली है। आने वाले समय में इन चुनावी परिणामों का राज्य की स्थानीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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