Madrasa Inspection के दौरान राजधानी रायपुर के दो मदरसों और यतीमखानों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। छत्तीसगढ़ बाल आयोग की अध्यक्ष Varnika Sharma ने सरप्राइज निरीक्षण कर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान बच्चों की दिनचर्या, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था और श्रम कार्य को लेकर कई खामियां पाई गईं। आयोग ने इस पर सख्त नाराजगी जताई है।
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रायपुर में बाल आयोग का सरप्राइज निरीक्षण
छत्तीसगढ़ बाल आयोग की टीम ने राजधानी रायपुर के बैजनाथ पारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन, दारुल यतामा और पुलिस पेट्रोल पंप के पास स्थित मदरसा इदारा-ए-सरिया यतीम खाना का निरीक्षण किया।
इस दौरान बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या और रहने की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली गई।
आयोग की टीम ने संस्थानों के किचन, छात्रावास और पढ़ाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
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क्या है Madrasa Inspection मामला
Madrasa Inspection के दौरान यह सामने आया कि बच्चों को सुबह से देर रात तक पढ़ाई कराई जा रही थी।
आयोग ने इसे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए चिंताजनक बताया। बच्चों को पर्याप्त आराम और मनोरंजन का समय नहीं मिल रहा था।
इसके अलावा संस्थानों में साफ-सफाई और भोजन गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
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बच्चों की दिनचर्या और पढ़ाई पर सवाल
निरीक्षण में पाया गया कि बच्चों की दिनचर्या अत्यधिक लंबी और असंतुलित थी।
सुबह जल्दी उठाकर देर रात तक पढ़ाई कराए जाने की जानकारी सामने आई। बाल आयोग का मानना है कि इससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के लिए संतुलित शिक्षा, खेल और आराम बेहद जरूरी होता है।
किचन और परिसर में मिली गंदगी
Madrasa Inspection के दौरान किचन और परिसर में गंदगी भी पाई गई।
आयोग की टीम ने पाया कि स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी।
इस पर संस्था प्रबंधन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
बच्चों से कराया जा रहा था दैनिक काम
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि बच्चों से सफाई और अन्य दैनिक कार्य कराए जा रहे थे।
बाल आयोग ने इसे बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन माना है।
आयोग अध्यक्ष Varnika Sharma ने स्पष्ट कहा कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कार्य कराना स्वीकार्य नहीं है।
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बाल आयोग अध्यक्ष ने क्या कहा
Varnika Sharma ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और मानसिक विकास के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संस्था प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और संतुलित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही सभी बाल संरक्षण नियमों और वैधानिक प्रावधानों का सख्ती से पालन करने को कहा गया।
Madrasa Inspection के बाद दिए गए निर्देश
Madrasa Inspection के बाद आयोग ने संस्थानों को कई जरूरी निर्देश जारी किए हैं।
इनमें बच्चों से श्रम कार्य बंद कराने, साफ-सफाई सुधारने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और भोजन गुणवत्ता बेहतर करने के निर्देश शामिल हैं।
आयोग ने यह भी कहा कि बच्चों की पढ़ाई और दिनचर्या को संतुलित बनाया जाए ताकि उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर सकारात्मक असर पड़े।
बाल अधिकारों को लेकर बढ़ी सख्ती
छत्तीसगढ़ बाल आयोग लगातार बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे निरीक्षण संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद करते हैं।
आयोग भविष्य में भी अन्य संस्थानों का निरीक्षण कर सकता है।
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Madrasa Inspection के दौरान रायपुर के मदरसों और यतीमखानों में सामने आई अनियमितताओं ने बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाल आयोग ने साफ कर दिया है कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में ऐसे संस्थानों पर निगरानी और सख्ती बढ़ सकती है।
