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Gangrel Dam Water Level: भारी बारिश से गंगरेल समेत चार बड़े बांधों में रिकॉर्ड जलभराव, किसानों और शहरों को राहत

Gangrel Dam Water Level में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने छत्तीसगढ़ के किसानों और आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत की खबर दी है। सक्रिय मानसून के कारण धमतरी जिले के गंगरेल (रविशंकर सागर), मुरूमसिल्ली, दूधावा और सोंढूर बांधों में तेजी से पानी भर रहा है। जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार चारों प्रमुख जलाशयों में रिकॉर्ड जलभराव दर्ज किया गया है, जिससे खरीफ फसलों की सिंचाई और रायपुर सहित कई शहरों की पेयजल जरूरतों को लेकर चिंता काफी हद तक समाप्त हो गई है।

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Gangrel Dam Water Level में लगातार हो रही बढ़ोतरी

Gangrel Dam Water Level इस समय प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। धमतरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से महानदी परियोजना (MRP कॉम्प्लेक्स) के सभी प्रमुख जलाशयों में तेजी से पानी की आवक हो रही है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार वर्षा होने से जलाशयों का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। यदि आने वाले दिनों में मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो कई जलाशय अपने पूर्ण जलभराव स्तर (FRL) के करीब पहुंच सकते हैं।

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Gangrel Dam Water Level सहित चारों बांधों की ताजा स्थिति

गंगरेल (रविशंकर सागर) बांध

गंगरेल बांध का पूर्ण जलभराव स्तर (FRL) 347.75 मीटर है। वर्तमान में इसका जलस्तर 343.75 मीटर दर्ज किया गया है।

बांध में 399.81 मिलियन घनमीटर उपयोगी (लाइव) जल संग्रहित है, जो कुल क्षमता का लगभग 74.68 प्रतिशत है। बीते 24 घंटों में इसमें लगातार पानी की आवक बनी रही।

मुरूमसिल्ली जलाशय

मुरूमसिल्ली बांध का जलस्तर 423.21 मीटर पहुंच गया है।

यहां वर्तमान में 206.66 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित है, जो लगभग 72.74 प्रतिशत जलभराव के बराबर है।

दूधावा जलाशय

दूधावा बांध का जलस्तर बढ़कर 1388.48 मीटर दर्ज किया गया है।

यहां 137.98 मिलियन घनमीटर पानी का संग्रह हो चुका है, जिससे सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सोंढूर जलाशय

सोंढूर बांध का जलस्तर बढ़कर 468.30 मीटर हो गया है।

बांध में वर्तमान में 137.89 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित है और लगातार जलभराव जारी है।


Gangrel Dam Water Level बढ़ने से किसानों को बड़ी राहत

Gangrel Dam Water Level और अन्य जलाशयों में बढ़ते जलस्तर का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा।

महानदी परियोजना से जुड़ी नहरों के माध्यम से खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे नहरों के अंतिम छोर तक स्थित खेतों को भी समय पर पानी मिलने की संभावना बढ़ गई है।

किसानों की लंबे समय से बनी सिंचाई संबंधी चिंता अब काफी हद तक दूर होती दिखाई दे रही है।


राजधानी समेत कई शहरों की पेयजल चिंता खत्म

गंगरेल और अन्य जलाशयों में पर्याप्त जल संग्रह होने से राजधानी रायपुर सहित आसपास के कई शहरों की पेयजल आपूर्ति भी सुरक्षित मानी जा रही है।

जल संसाधन विभाग का कहना है कि वर्तमान जल उपलब्धता आने वाले महीनों में पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त है।


जल संसाधन विभाग ने दिए निगरानी के निर्देश

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चारों प्रमुख जलाशयों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

इंजीनियरों और मैदानी अमले को 24 घंटे जलस्तर की मॉनिटरिंग करने तथा आवश्यकता पड़ने पर जल प्रबंधन की रणनीति तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि बारिश जारी रहती है तो जलाशयों के और भरने की संभावना है।

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आगे क्या होगी रणनीति?

जल संसाधन विभाग स्थिति का लगातार आकलन कर रहा है। जलाशयों में पर्याप्त जल संग्रह होने के बाद आवश्यकता अनुसार नहरों में पानी छोड़ा जाएगा ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों।

यदि मानसून की सक्रियता बनी रहती है तो आने वाले दिनों में जलाशयों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों के अनुसार संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।


Gangrel Dam Water Level में लगातार हो रही बढ़ोतरी छत्तीसगढ़ के लिए सकारात्मक संकेत है। गंगरेल, मुरूमसिल्ली, दूधावा और सोंढूर बांधों में रिकॉर्ड जलभराव से किसानों को सिंचाई, शहरों को पेयजल और प्रदेश को बेहतर जल प्रबंधन का लाभ मिलेगा। अब सबकी नजर मानसून की आगे की स्थिति और जलाशयों के भराव पर बनी हुई है।

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