4thnation

Lakhpati Didi Yojana: कोरिया जिले की कांति साहू ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

Lakhpati Didi Yojana के माध्यम से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं और स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत चलाया जा रहा यह अभियान अब हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर विकासखंड के ग्राम तलवापारा निवासी श्रीमती कांति साहू इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने सरकारी योजनाओं और स्वयं सहायता समूह की मदद से अपनी आर्थिक स्थिति बदल दी।

👉 Join 4thNation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Lakhpati Didi Yojana से मिला नया अवसर

कांति साहू एक सामान्य कृषक परिवार से संबंध रखती हैं। वे लंबे समय से अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा थी।

करीब तीन वर्ष पहले वे गांव की अन्य महिलाओं के साथ शारदा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, वित्तीय प्रबंधन और छोटे व्यवसाय संचालन की जानकारी मिली।

यह भी पढ़ें: Keshlur Railway Overbridge: धीमी निर्माण गति पर सरकार सख्त


Lakhpati Didi Yojana के तहत मिली 4 लाख रुपये की सहायता

बैंक लिंकेज और सरकारी योजनाओं का लाभ

बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज, एसवीईपी योजना और मुद्रा ऋण के माध्यम से कांति साहू को लगभग 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिली।

इस सहायता ने उनके लंबे समय से संजोए हुए स्वरोजगार के सपने को नई उड़ान दी।

छोटे निवेश से बड़े बदलाव की शुरुआत

वित्तीय सहयोग मिलने के बाद कांति साहू ने किसी एक व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय कई अलग-अलग क्षेत्रों में काम शुरू करने का निर्णय लिया।


एक नहीं, कई व्यवसायों से बढ़ाई आय

कांति साहू ने विविध आजीविका गतिविधियों को अपनाते हुए कई छोटे व्यवसाय शुरू किए।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • दोना-पत्तल निर्माण इकाई
  • धान कृषि बीज केंद्र
  • मैचिंग सेंटर (कपड़ा व्यवसाय)
  • सिलाई केंद्र

उनका मानना है कि एक से अधिक व्यवसाय होने से आय के नए स्रोत बनते हैं और जोखिम भी कम होता है।


पति के सहयोग से मिली सफलता

परिवार का मिला पूरा साथ

कांति साहू बताती हैं कि इस पूरे सफर में उनके पति महेन्द्र साहू ने हर कदम पर उनका साथ दिया।

पति-पत्नी की संयुक्त मेहनत और समर्पण ने शुरुआती कठिनाइयों को आसान बनाया और व्यवसाय को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


सालाना आय 3 लाख रुपये के पार

आज कांति साहू के सभी व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।

वर्तमान में उनके व्यवसायों का मासिक टर्नओवर लगभग 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। इसमें से उन्हें हर महीने लगभग 30 से 35 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है।

इस प्रकार उनकी वार्षिक शुद्ध आय 3 लाख रुपये से अधिक हो गई है और वे आधिकारिक रूप से “लखपति दीदी” की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।

👉 Join 4thNation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल बनीं कांति साहू

आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ कांति साहू का सामाजिक आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

आज वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर ग्रामीण महिलाएं भी बड़े लक्ष्य हासिल कर सकती हैं।


Lakhpati Didi Yojana छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। कांति साहू की सफलता की कहानी बताती है कि स्वयं सहायता समूह, सरकारी योजनाएं और मेहनत मिलकर जीवन बदल सकते हैं। उनकी उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। आने वाले समय में Lakhpati Didi Yojana से और अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *