Gaudham Yojana Durg के तहत जिला पंचायत दुर्ग के सभा कक्ष में जिला स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने की। बैठक में गौधामों के संचालन, गोवंश संरक्षण, रखरखाव, चारा, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
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Gaudham Yojana Durg की बैठक में कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग की जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, पंचायत सदस्य श्रद्धा साहू (उमरपोटी), पशुधन विकास विभाग के अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा उमरपोटी, नारघा, चंदखुरी और बासीन सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों की गौधाम समितियों के अध्यक्ष और सचिवों ने भी भाग लिया तथा अपने क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं से समिति को अवगत कराया।
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Gaudham Yojana Durg के तहत अधिकारियों को दिए गए निर्देश
बैठक के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने सभी संबंधित अधिकारियों को गौधामों का नियमित निरीक्षण करने और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि Gaudham Yojana Durg के उद्देश्यों को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जवाबदेही आवश्यक है। गौधामों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाना चाहिए।
गोवंश संरक्षण और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक में गोवंश संरक्षण एवं नस्ल संवर्धन के साथ-साथ पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार शेड और नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गौधाम परिसरों की नियमित साफ-सफाई, पशुओं का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण तथा आवश्यक मरम्मत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं।
साथ ही गौधाम समितियों को अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण तथा वित्तीय प्रबंधन पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश भी दिए गए।
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जिले में संचालित हैं चार पंजीकृत गौधाम
Gaudham Yojana Durg के अंतर्गत वर्तमान में जिले में चार पंजीकृत गौधाम संचालित किए जा रहे हैं।
प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गोवंश रखने की क्षमता विकसित की गई है। यहां पशु शेड, सुरक्षित बाड़ा, स्वच्छ पेयजल, बिजली और चारागाह जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन गौधामों के संचालन की जिम्मेदारी पंजीकृत गौशाला समितियों, ट्रस्टों और गैर-सरकारी संस्थाओं को सौंपी गई है।
Gaudham Yojana Durg से किसानों और पशुपालकों को होगा लाभ
जिला प्रशासन के अनुसार Gaudham Yojana Durg का उद्देश्य केवल बेसहारा और आवारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देना भी है।
इस योजना से सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही पशुपालकों, चरवाहों और गौसेवकों को रोजगार एवं मानदेय के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और प्रभावी प्रबंधन से योजना को और अधिक सफल बनाया जाएगा।
Gaudham Yojana Durg के तहत आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में गौधामों के बेहतर संचालन, गोवंश संरक्षण, पारदर्शी प्रबंधन और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी गौधामों में आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और नियमित निरीक्षण के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इससे गोवंश संरक्षण के साथ-साथ पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
