Electricity Tariff Hike को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कबीरधाम जिला कांग्रेस कमेटी ने बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रेस वार्ता प्रभारी और डोंगरगढ़ विधायक दलेश्वर साहू ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार बिजली दरें बढ़ाई जा रही हैं, जिससे किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों की परेशानी बढ़ी है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
कबीरधाम में आयोजित हुई प्रेस वार्ता
कबीरधाम जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में बिजली दरों में हालिया वृद्धि को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि बढ़ती महंगाई के बीच बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी से आम नागरिकों की घरेलू अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
दलेश्वर साहू ने कहा कि भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार बनने के बाद पिछले ढाई वर्षों में चार बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
Electricity Tariff Hike से जनता पर बढ़ा आर्थिक दबाव
कांग्रेस का आरोप है कि Electricity Tariff Hike का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ा है। पार्टी का कहना है कि बिजली एक आवश्यक सेवा है और इसकी बढ़ती कीमतों का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है।
नेताओं ने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई लागत बढ़ रही है, जबकि छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को भी अधिक बिजली बिल चुकाने पड़ रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Smart Meter Protest: बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा अभियान
45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर असर
कांग्रेस के अनुसार जून महीने में प्रदेश के 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के बिल औसतन पहले की तुलना में काफी अधिक आए हैं। इसी वजह से कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की नाराजगी देखने को मिल रही है।
हालांकि, बिजली बिलों में तीन गुना वृद्धि के दावे को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
कांग्रेस ने ‘बिजली बिल हाफ’ योजना का किया जिक्र
पूर्व कांग्रेस सरकार की योजनाओं को बताया राहतकारी
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए थे।
कांग्रेस ने ‘बिजली बिल हाफ’ योजना का हवाला देते हुए दावा किया कि इससे लाखों परिवारों को राहत मिली थी और घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली खर्च कम हुआ था।
पार्टी का कहना है कि वर्तमान सरकार ने सत्ता संभालने के बाद बिजली दरों में लगातार वृद्धि की है, जिससे लोगों की आर्थिक चिंताएं बढ़ी हैं।
बढ़े हुए बिजली बिल और 12% अतिरिक्त शुल्क पर सवाल
Electricity Tariff Hike के साथ अतिरिक्त शुल्क का मुद्दा
दलेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी के साथ-साथ सरकार ने 12 प्रतिशत विद्युत शुल्क का अतिरिक्त बोझ भी उपभोक्ताओं पर डाला है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर शिकायत कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की समीक्षा और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है।
पार्टी का कहना है कि यदि बिजली दरों और अतिरिक्त शुल्कों पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो जनता में असंतोष और बढ़ सकता है।
Electricity Tariff Hike को लेकर सियासत तेज
बिजली दर वृद्धि का मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में प्रमुख विषय बनता जा रहा है। कांग्रेस इसे जनता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर Electricity Tariff Hike को लेकर बहस और तेज हो सकती है। बिजली दरों का मुद्दा किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और व्यापारिक वर्ग के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Electricity Tariff Hike को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि बिजली दरों में लगातार वृद्धि और अतिरिक्त शुल्कों से जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है, जबकि सरकार की ओर से इन फैसलों को आवश्यक बताया जा सकता है। फिलहाल बढ़ते बिजली बिल और Electricity Tariff Hike का मुद्दा प्रदेश की राजनीति और आम उपभोक्ताओं के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
