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Cooperative Sector Chhattisgarh को मजबूत करने पर जोर

Cooperative Sector Chhattisgarh को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी बनाने को लेकर सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। 8 सितंबर 2026 को नवा रायपुर में उनकी अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्राथमिक कृषि साख समितियों यानी PACS के माध्यम से अंतिम व्यक्ति और प्रदेश के प्रत्येक किसान तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना मुख्य उद्देश्य है।

छत्तीसगढ़ सहकारिता विभाग के अनुसार, विभाग राज्य की सहकारी समितियों के नियामक प्राधिकारी के रूप में कार्य करता है और सहकारिता आंदोलन के विकास एवं विस्तार पर जोर देता है।

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Cooperative Sector Chhattisgarh में डिजिटल बदलाव

समीक्षा बैठक में मंत्री केदार कश्यप ने डिजिटलाइजेशन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि इससे किसानों का सहकारिता प्रणाली पर भरोसा और मजबूत होगा।

उन्होंने सहकारी बैंकों में रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा की और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक के दौरान सहकारी सप्ताह के तहत छत्तीसगढ़ में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों पर आधारित कॉफी-टेबल बुकलेट का विमोचन भी मंत्री द्वारा किया गया।

PACS के शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण पर जोर

मंत्री ने प्राथमिक कृषि साख समितियों के शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण और अंकेक्षण यानी ऑडिट प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं की वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।

छत्तीसगढ़ सहकारिता विभाग की उपलब्ध जानकारी के अनुसार राज्य में PACS के डिजिटलीकरण पर पहले से काम किया जा रहा है। विभाग के अनुसार 2,058 PACS को कंप्यूटरीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

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16 लाख से अधिक किसानों को 7,973 करोड़ रुपये का ऋण

Cooperative Sector Chhattisgarh की समीक्षा के दौरान खरीफ सीजन 2026 के कृषि ऋण वितरण की स्थिति भी सामने रखी गई। मंत्री ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से 8,800 करोड़ रुपये कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को 7,973 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है। यह निर्धारित लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है।

मंत्री ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत कृषि ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अल्पकालीन कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान, समय पर खाद, बीज और ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

गांवों में डिजिटल बैंकिंग होगी आसान

ग्रामीण अंचलों में कॉमन सर्विस सेंटर का विस्तार करने और माइक्रो एटीएम की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

राज्य के सहकारिता विभाग के अनुसार PACS को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम हुआ है।

718 गोदामों का निर्माण पूर्ण

बैठक में गोदाम निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री को बताया गया कि RIDF के अंतर्गत आवंटित 725 गोदामों में से 718 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है।

शेष 7 गोदामों का निर्माण भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण और अन्य स्वीकृत निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई।

नवगठित 515 PACS के सुचारू संचालन को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश

मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को शासकीय योजनाओं का लाभ किसानों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े नागरिकों तक तेजी से पहुंचाने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने और कार्यालयों में ई-ऑफिस तथा आधार आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

धान उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का शीघ्र और पारदर्शी तरीके से अंतिम निराकरण करने को भी कहा गया।

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पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस

बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों से पूरी जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ काम करने की अपेक्षा की। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों और आम नागरिकों तक बिना अनावश्यक देरी के पहुंचे।

सहकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर सहकारी समितियों से संबंधित योजनाओं, सूचनाओं और विभागीय गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध है।

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Cooperative Sector Chhattisgarh को मजबूत बनाने के लिए सरकार का फोकस डिजिटलाइजेशन, PACS कंप्यूटरीकरण, पारदर्शी ऑडिट, कृषि ऋण और ग्रामीण डिजिटल बैंकिंग पर है। 16 लाख से अधिक किसानों को 7,973 करोड़ रुपये का ऋण वितरण और 718 गोदामों का निर्माण पूरा होना सहकारिता क्षेत्र की मौजूदा प्रगति को दर्शाता है। अब शेष लक्ष्य पूरे करने और योजनाओं का लाभ किसानों तक तेजी से पहुंचाने पर विभाग की प्राथमिकता रहेगी।

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