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सीएसवीटीयू भिलाई में RTI अधिनियम की धज्जियां, आवेदकों को जानकारी के बजाय धमकियाँ

भिलाई, 23 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) भिलाई में वर्ष 2019 से सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारियाँ मांगने वाले आवेदकों को न केवल जानकारी से वंचित किया गया, बल्कि उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान करने का भी आरोप सामने आया है।

जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के UTD (यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट) में हुई शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर कथित भ्रष्टाचार और परिवारवाद हावी रहा। योग्यतम और उच्च मेधा वाले आवेदकों को किनारे कर मनचाहे उम्मीदवारों को अवसर दिया गया। जब आवेदकों ने आरटीआई के तहत इस घोटाले से संबंधित जानकारी चाही तो “सूचना नहीं दी जा सकती” लिखकर जवाब थमा दिया गया।

आवेदकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव अंकित अरोरा ने सूचना मांगने वालों को धमकाया और उनकी अपील भी खारिज कर दी। आखिरकार मजबूर होकर कई आवेदकों ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। हालांकि इस मामले में आयोग ने करीब दो साल बाद सुनवाई की तारीख तय की है।

पीड़ित आवेदकों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा RTI को ‘अधिकारी की जागीर’ बना दिया गया है। सामान्य से सामान्य जानकारी तक रोक दी जाती है और अपीलीय अधिकारी भी आवेदक के पक्ष में कोई राहत नहीं देते। इससे आमजन का सबसे बड़ा सहारा—सूचना का अधिकार—कार्यक्षमता खोता जा रहा है।