Chhattisgarh Property Registration को लेकर महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण राहत सामने आई है। छत्तीसगढ़ सरकार के 2026-27 बजट दस्तावेज में महिलाओं के नाम अचल संपत्ति के पंजीयन पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत कमी का प्रावधान दर्ज है।
इसका असर कांकेर जिले के सरोना निवासी महिला किसान श्रीमती चंद्रकांता नेताम के अनुभव में दिखाई दिया। अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर उन्हें शुल्क में रियायत का लाभ मिला और कुल 9,510 रुपये की आर्थिक बचत हुई।
यह जानकारी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग के संवाद में सामने आई, जहां चंद्रकांता नेताम ने रजिस्ट्री प्रक्रिया और मिली आर्थिक राहत का अनुभव साझा किया।
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महिला किसान को Chhattisgarh Property Registration में ₹9,510 की बचत
चंद्रकांता नेताम के मुताबिक, जमीन उनके नाम पंजीकृत कराने के दौरान महिलाओं के लिए उपलब्ध शुल्क रियायत का लाभ मिला। पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटकर 2 प्रतिशत होने से रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ।
इसके अलावा महिला क्रेता को स्टाम्प शुल्क में पहले से लागू 1 प्रतिशत की छूट भी मिली। दोनों रियायतों को मिलाकर उन्हें कुल 9,510 रुपये की बचत हुई।
एक किसान परिवार के लिए रजिस्ट्री जैसी बड़ी प्रक्रिया में बचने वाली यह राशि सीधे आर्थिक राहत प्रदान करती है। चंद्रकांता ने इसे महिलाओं के लिए उपयोगी पहल बताते हुए शासन और पंजीयन विभाग के प्रति आभार जताया।
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Chhattisgarh Property Registration में महिलाओं को क्यों फायदा?
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में रियायत का उद्देश्य केवल रजिस्ट्री की लागत घटाना नहीं है। इससे परिवारों को संपत्ति महिलाओं के नाम पर खरीदने और पंजीकृत कराने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी मिलता है।
राज्य के 2026-27 बजट में महिलाओं के नाम अचल संपत्ति के पंजीयन पर रजिस्ट्रेशन फीस 50 प्रतिशत कम करने का प्रावधान शामिल किया गया है।
जमीन या मकान महिला के नाम होने से उसके पास संपत्ति का औपचारिक स्वामित्व दर्ज होता है। इससे आर्थिक सुरक्षा और संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी से जुड़े पहलुओं को मजबूती मिल सकती है।
Chhattisgarh Property Registration की प्रक्रिया भी हो रही डिजिटल
शुल्क में राहत के साथ पंजीयन प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का NGDRS पोर्टल नागरिकों को फीस कैलकुलेशन, अपॉइंटमेंट, शिकायत और अन्य पंजीयन सेवाओं की ऑनलाइन सुविधा देता है।
NGDRS में स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क की गणना के लिए ऑनलाइन Fee Calculator भी उपलब्ध है। इससे संपत्ति पंजीयन से पहले अनुमानित शुल्क की जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलती है।
आधार आधारित पहचान सत्यापन, डिजिटल दस्तावेज और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। पंजीयन के बाद नामांतरण की ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था भी नागरिकों की दौड़भाग कम करने में मदद कर सकती है।
सेवा संकल्प अभियान में सामने आया अनुभव
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से संवाद कर सरकारी सेवाओं में हुए बदलाव और उनके अनुभव सामने ला रहा है।
चंद्रकांता नेताम की कहानी में दो महत्वपूर्ण पहलू दिखाई देते हैं—पहला, महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में आर्थिक राहत और दूसरा, तकनीक के इस्तेमाल से पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास।
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महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ा कदम
अपने नाम जमीन होना किसी भी महिला के लिए संपत्ति के औपचारिक स्वामित्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है। शुल्क में रियायत से संपत्ति पंजीयन की शुरुआती लागत कम होती है।
कांकेर की चंद्रकांता नेताम को मिली 9,510 रुपये की बचत इस नीति के प्रत्यक्ष लाभ का एक उदाहरण है। हालांकि वास्तविक बचत संपत्ति के मूल्य और लागू शुल्क के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
Chhattisgarh Property Registration में महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत कमी का प्रावधान संपत्ति को महिलाओं के नाम दर्ज कराने की लागत कम करता है। कांकेर की महिला किसान चंद्रकांता नेताम को मिली 9,510 रुपये की बचत इसका एक प्रत्यक्ष उदाहरण है। डिजिटल पंजीयन सुविधाओं के साथ शुल्क में यह राहत महिलाओं के लिए संपत्ति पंजीयन को अधिक किफायती और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।
