Chhattisgarh NOC को लेकर तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर Sammakka Sagar Project के लिए No Objection Certificate (NOC) जारी करने का आग्रह किया।
बैठक में मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि परियोजना के बैराज को उसके पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) तक भरने और इसके निर्धारित सिंचाई लाभ हासिल करने के लिए दोनों राज्यों के बीच लंबित मुद्दों का समाधान जरूरी है।
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Chhattisgarh NOC पर तेलंगाना का क्या प्रस्ताव?
तेलंगाना सरकार ने छत्तीसगढ़ को आश्वासन दिया है कि Sammakka Sagar Barrage के कारण राज्य में जिन जमीनों और मकानों के डूबने की संभावना होगी, उनके लिए पूरा मुआवजा दिया जाएगा।
एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना मुआवजे की जिम्मेदारी पूरी तरह निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने पड़ोसी राज्य के साथ मिलकर लंबित मुद्दों को सुलझाने और परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
Sammakka Sagar Project के लिए Chhattisgarh NOC क्यों जरूरी?
Sammakka Sagar Barrage गोदावरी नदी पर तुपाकुलागुडेम, कन्नाइगुडेम मंडल, मुलुगु जिले में स्थित है। यह बैराज लगभग 1,143 मीटर लंबा है और इसमें 59 रेडियल गेट हैं।
परियोजना की डिजाइन क्षमता के अनुसार पूर्ण जलाशय स्तर 83 मीटर है और इस स्तर पर लगभग 6.94 TMC पानी संग्रहित किया जा सकता है। परियोजना के तहत गोदावरी के पानी से सिंचाई जरूरतों के लिए 46.96 TMC पानी के डायवर्जन की योजना है।
परियोजना से जुड़े कई तकनीकी अनुमोदन हासिल किए जा चुके हैं। हालांकि, अंतरराज्यीय मामलों की समीक्षा छत्तीसगढ़ की NOC के अभाव में लंबित है। ऐसे में Chhattisgarh NOC की जल्द मंजूरी बाकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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परियोजना से 4.40 लाख एकड़ को मिलेगा लाभ
Sammakka Sagar Project का प्रमुख उद्देश्य Sriram Sagar Project (SRSP) Stage-2 के तहत लगभग 4.40 लाख एकड़ क्षेत्र को स्थिर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। इन क्षेत्रों में मौजूदा जल स्रोत से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
इसके अलावा परियोजना के तहत Ramappa–Pakhal Link Canal के माध्यम से 30,000 एकड़ के नए ayacut को भी लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। परियोजना Devadula Lift Irrigation Scheme के कुछ ayacut को स्थिर करने और रास्ते में आने वाले गांवों की पेयजल जरूरतें पूरी करने में भी मदद करेगी।
किन जिलों की जमीन को मिलेगा सिंचाई लाभ?
SRSP Stage-2 के प्रस्तावित लाभ क्षेत्र में तेलंगाना के कई जिले शामिल हैं। इनमें Suryapet की 2,34,199 एकड़, Mahabubabad की 96,494 एकड़, Khammam की 85,774 एकड़, Warangal की 22,422 एकड़ और Jangaon की 1,111 एकड़ भूमि शामिल है।
वहीं Ramappa–Pakhal Link Canal के अतिरिक्त ayacut में Mulugu की 8,000 एकड़ और Warangal जिले के Narsampet क्षेत्र की 22,000 एकड़ भूमि शामिल है।
Chhattisgarh NOC से पहले डूब क्षेत्र का सर्वे
छत्तीसगढ़ में परियोजना के संभावित backwater प्रभावों का अध्ययन करने के लिए तेलंगाना पहले ही 9.83 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है। यह राशि 29 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग, बीजापुर को दी गई थी।
छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग ने 7 अगस्त 2026 के अपने पत्र में बताया कि Full Reservoir Level और High Flood Level से संबंधित DGPS surveys पूरे किए जा चुके हैं। इसके साथ ही LiDAR drone survey और field data collection का काम जारी था।
यह सर्वे इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बैराज में पानी का स्तर बढ़ने पर छत्तीसगढ़ क्षेत्र में संभावित backwater और डूब प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।
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आगे की मंजूरी का रास्ता
Sammakka Sagar Project से जुड़े कई तकनीकी स्तर के अनुमोदन पहले ही हासिल किए जा चुके हैं। अब अंतरराज्यीय पहलुओं से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ की सहमति अहम है।
तेलंगाना का कहना है कि वह छत्तीसगढ़ में संभावित रूप से प्रभावित जमीन और मकानों के लिए उचित मुआवजा देने को तैयार है। दोनों राज्यों के बीच समन्वय से NOC और बाकी मंजूरी प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
Chhattisgarh NOC Sammakka Sagar Project के लिए इस समय एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। तेलंगाना सरकार परियोजना के लिए छत्तीसगढ़ की सहमति चाहती है और संभावित डूब क्षेत्र में जमीन व मकानों के लिए पूरा मुआवजा देने का आश्वासन दे चुकी है।
परियोजना पूरी होने पर SRSP Stage-2 के 4.40 लाख एकड़ क्षेत्र को सिंचाई स्थिरता देने के साथ नए ayacut और पेयजल जरूरतों को भी लाभ मिल सकता है। अब छत्तीसगढ़ में चल रहे सर्वे और दोनों राज्यों के बीच समन्वय के आधार पर Chhattisgarh NOC मिलने की दिशा में अगला कदम महत्वपूर्ण होगा।
