E-Bus सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे दुर्ग-भिलाई के यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। जिले में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं।
दुर्ग जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी ने 50 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए प्रस्तावित रूट चार्ट तैयार कर राज्य सरकार को अनुमति के लिए भेज दिया है। सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इन मार्गों पर बसों का संचालन शुरू किया जा सकेगा।
इस परियोजना से यात्रियों को सुविधाजनक और प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलने की उम्मीद है। केंद्र की PM-eBus Sewa योजना भी शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों और संबंधित परिवहन ढांचे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित है।
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E-Bus के लिए चार्जिंग स्टेशन की अड़चन दूर
दुर्ग जिले में E-Bus परियोजना के सामने सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती चार्जिंग स्टेशन तक बिजली पहुंचाने की थी। इसके लिए रेलवे ट्रैक के नीचे से बिजली केबल क्रॉस कराने की अनुमति आवश्यक थी।
अब रेलवे से इसकी अनुमति मिल चुकी है। इससे परियोजना की महत्वपूर्ण तकनीकी बाधा दूर हो गई है। सीएसपीडीसीएल पहले ही बिजली के पोल और तार बिछाने का काम पूरा कर चुका था।
रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद अब मुख्य रूप से प्रशासनिक अनुमति का इंतजार है। अनुमति और नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बसों की संचालन व्यवस्था और समय-सारिणी तय की जाएगी।
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E-Bus रूट से रायपुर तक सीधा कनेक्शन
प्रस्तावित रूट चार्ट की खास बात यह है कि इसमें केवल दुर्ग और भिलाई के शहरी क्षेत्रों को ही नहीं, बल्कि रायपुर, नवा रायपुर और माना एयरपोर्ट को भी जोड़ा गया है।
इससे दुर्ग रेलवे स्टेशन और शहर के यात्रियों को रायपुर तथा एयरपोर्ट तक सार्वजनिक परिवहन के जरिए पहुंचने का विकल्प मिलेगा। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा का उद्देश्य भी स्वच्छ और बेहतर शहरी सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना है।
50 E-Bus के लिए तय किए गए प्रमुख रूट
प्रस्तावित रूट चार्ट के अनुसार कुल 50 बसों को अलग-अलग मार्गों पर चलाने की योजना है। इनमें शहर, कस्बे, ग्रामीण क्षेत्र और रायपुर से जुड़े महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं।
- दुर्ग बस स्टैंड से बेरला — 5 बसें
- दुर्ग से पावर हाउस बस स्टैंड — 2 बसें
- दुर्ग से साजा बस स्टैंड — 3 बसें
- दुर्ग से गंडई बस स्टैंड — 3 बसें
- दुर्ग से उतई — 4 बसें
- दुर्ग रेलवे स्टेशन से कचांदुर — 5 बसें
- दुर्ग से चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल — 2 बसें
- दुर्ग स्टेशन से रायपुर बस स्टैंड — 5 बसें
- दुर्ग स्टेशन से माना एयरपोर्ट — 5 बसें
- दुर्ग स्टेशन से नया रायपुर — 5 बसें
- एक अन्य उतई रूट — 4 बसें
- दुर्ग रेलवे स्टेशन से पाटन — 7 बसें
इस तरह प्रस्तावित सभी मार्गों पर कुल 50 बसों के संचालन की योजना बनाई गई है।
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गांव-कस्बों तक पहुंचेगी E-Bus सेवा
इस परियोजना का लाभ केवल दुर्ग-भिलाई के शहरी यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। बेरला, साजा, गंडई, उतई, पाटन और कचांदुर जैसे क्षेत्रों को भी प्रस्तावित रूट में शामिल किया गया है।
इससे ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के लोगों को जिला मुख्यालय तथा बड़े शहरों तक आने-जाने के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलने की उम्मीद है।
टाइमिंग और संचालन पर अगला फैसला
फिलहाल प्रस्तावित रूट चार्ट राज्य सरकार के समक्ष अनुमति के लिए भेजा गया है। प्रशासनिक स्वीकृति और संबंधित नोटिफिकेशन के बाद बसों की वास्तविक संचालन व्यवस्था स्पष्ट होगी।
इसके बाद प्रत्येक रूट के लिए समय-सारिणी तय की जाएगी। यात्रियों के लिए बसों की आवृत्ति, स्टॉपेज और संचालन समय की जानकारी भी चरणबद्ध तरीके से सामने आने की उम्मीद है।
दुर्ग-भिलाई में E-Bus सेवा शुरू होने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। 50 इलेक्ट्रिक बसों के प्रस्तावित रूट में शहर के साथ गांव, कस्बे, रायपुर, नवा रायपुर और माना एयरपोर्ट को जोड़ने की योजना है। रेलवे से चार्जिंग स्टेशन की बिजली लाइन के लिए अनुमति मिलने के बाद अब प्रशासनिक मंजूरी महत्वपूर्ण कदम है। मंजूरी मिलते ही दुर्ग जिले के यात्रियों को स्वच्छ, आधुनिक और सुविधाजनक E-Bus सेवा का लाभ मिल सकेगा।
