Chhattisgarh ने जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य को जल शक्ति मंत्रालय की ‘Jal Sanchay Jan Bhagidari’ और ‘Catch the Rain’ पहल के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में प्रमुख स्थान मिला है। हालिया राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के मॉडल और जमीनी भागीदारी को सामने रखा।
राज्य में जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना के तौर पर नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़े अभियान के रूप में आगे बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल को संरक्षित करना, भूजल स्तर को मजबूत करना और स्थानीय जल स्रोतों को सुरक्षित रखना है।
केंद्र सरकार के अनुसार ‘Jal Sanchay Jan Bhagidari’ अभियान में कम लागत वाले वर्षा जल संचयन और भूजल रिचार्ज ढांचे तैयार करने पर जोर दिया जाता है। इसमें समुदाय, स्थानीय निकाय और अन्य संस्थाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
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Chhattisgarh के पांच जिले Top 10 में
Chhattisgarh की जल संरक्षण रणनीति का असर जिलों के स्तर पर भी दिखाई दिया है। राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों में राज्य के पांच जिलों का Top 10 में शामिल होना इसकी व्यापक सफलता को दर्शाता है।
राज्य में जल संरक्षण के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुसार ‘Catch the Rain’ प्लान, जल संरचनाओं की मैपिंग और नियमित समीक्षा जैसे कदमों पर जोर दिया गया। इन प्रयासों से बारिश के पानी को संग्रहित करने और भूजल पुनर्भरण की दिशा में काम को गति मिली।
PIB के आंकड़ों में भी छत्तीसगढ़ के कई जिलों ने जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। बालोद, राजनांदगांव और रायपुर जैसे जिले राष्ट्रीय सूची में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहे।
Chhattisgarh में जल संरक्षण के चार अहम कदम
राज्य के मॉडल में चार प्रमुख उपायों को विशेष महत्व दिया गया है। इनमें राज्य-विशिष्ट ‘Catch the Rain’ योजनाएं, बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए State Water Awards, जल संरचनाओं की मैपिंग और त्रैमासिक समीक्षा शामिल हैं।
इन उपायों का मकसद जल संरक्षण को अभियान से आगे बढ़ाकर नियमित प्रशासनिक और सामुदायिक गतिविधि बनाना है।
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Chhattisgarh के बस्तर में TIN Portal से बदलेगी तस्वीर
जल संरक्षण के साथ Chhattisgarh ने बस्तर के जनजातीय टिन संग्राहकों के लिए भी बड़ी डिजिटल पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 31 अगस्त 2026 को TIN यानी Tribal Incentives on Natural Resources Portal लॉन्च किया।
यह पोर्टल छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (CMDC) ने इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से विकसित किया है। इसका उद्देश्य टिन अयस्क की खरीदी से लेकर परिवहन, मूल्य निर्धारण, बिक्री और भुगतान तक की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।
TIN Portal से LME आधारित कीमत का फायदा
इस पहल की सबसे बड़ी खासियत टिन की कीमत को London Metal Exchange (LME) के बाजार मूल्य से जोड़ना है। इससे बस्तर के जनजातीय संग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों के अनुरूप मूल्य मिलने का रास्ता खुलता है।
भुगतान सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम करने और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में बस्तर संभाग में छह टिन खरीदी केंद्र संचालित हैं, जबकि तीन अतिरिक्त केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले संग्राहकों को औपचारिक खरीदी व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास होगा।
Chhattisgarh में 2026 का छुट्टियों वाला साल
Chhattisgarh में सरकारी कर्मचारियों के लिए 2026 का अवकाश कैलेंडर भी चर्चा में है। सरकारी कैलेंडर के अनुसार वर्ष में 28 सामान्य अवकाश और 18 सार्वजनिक अवकाश घोषित किए गए हैं। इसके अलावा 61 ऐच्छिक अवकाश भी कैलेंडर में शामिल हैं।
राज्य सरकार के आधिकारिक कैलेंडर में जनवरी से दिसंबर तक विभिन्न त्योहारों और महत्वपूर्ण अवसरों के अवकाश दर्ज हैं। सरकारी कार्यालयों में काम कराने वाले लोगों के लिए इन तारीखों की जानकारी रखना जरूरी है।
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सरकारी कार्यालय जाने से पहले कैलेंडर देखें
कई त्योहार और अवकाश सप्ताहांत के आसपास पड़ने के कारण लगातार छुट्टियों की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन क्षेत्रीय पर्व और आयोजनों के लिए अलग छुट्टियां घोषित कर सकता है।
उदाहरण के तौर पर राज्य के आधिकारिक कैलेंडर में जनवरी से दिसंबर तक विभिन्न सामान्य अवकाश सूचीबद्ध हैं। किसी विशेष कार्यालय में काम कराने से पहले संबंधित विभाग या जिला प्रशासन की ताजा सूचना देखना बेहतर रहेगा।
Chhattisgarh में हालिया पहलें जल संरक्षण, जनजातीय आजीविका और प्रशासनिक व्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों में बदलाव की तस्वीर पेश करती हैं। ‘Catch the Rain’ और ‘Jal Sanchay Jan Bhagidari’ के तहत जल संरक्षण में राज्य का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। वहीं TIN Portal बस्तर के टिन संग्राहकों को बाजार आधारित मूल्य और DBT भुगतान से जोड़ने की कोशिश है। इसके साथ 2026 का विस्तृत अवकाश कैलेंडर नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है। इन पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन से Chhattisgarh में संसाधन संरक्षण और स्थानीय आजीविका को और मजबूती मिल सकती है।
